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निजी लैब संचालकों की हडताल से मरीज परेशान

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लैब संचालकों ने हड़ताल कर विधायकों के आवास पर किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र,लाडवा, इस्माइलाबाद ।
हरियाणा मेडिकल लेबोरेट्री तकनीशियन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा अपनी मांगों को लेकर व लैब रिपोर्ट पर एमबीबीएस डाक्टर के काउंटर साइन कराने की थोपी गई शर्त के विरोध में लैब संचालक मंगलवार से दो दिन हड़ताल शुरू हो गई। लैब संचालकों ने एसोसिएशन के प्रधान रामचंद्र सैनी की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे विधायक सुभाष सुधा और लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी के आवास पर प्रदर्शन किया। इसके पश्चात 11 बजे लघु सचिवालय बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और एडीसी अनिश यादव को ज्ञापन सौंपा। वहीं हड़ताल के चलते शहर के नागरिक अस्पताल की लेबोरेटरी में कार्यकर्ता सभी लैब सहायकों को छुट्टियां रद की गई। नागरिक अस्पताल में रोजाना की अपेक्षा मंगलवार को टेस्ट करवाने वाले मरीजों की संख्या में दो गुणा बढ़ोत्तरी हुई। हड़ताल के चलते जिला की सभी निजी लेबोरेटरी बंद रही। जिसकी वजह से सैंपल के लिए आए मरीजों को काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एसोसिएशन के प्रधान रामचंद्र सैनी ने कहा कि लैब रिपोर्ट पर एमबीबीएस डाक्टर के काउंटर साइन करवाने के तुगलकी फरमान से सभी परेशान हैं। सरकार को बार-बार फैसला वापिस लेने व लेबोरेट्री संचालन के लिए अलग से काउंसिल बनाने की मांग की गई, लेकिन सरकार ने आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानती तो पूरे देश के लैब संचालक पंचकूला कूच करेंगे। एसोसिएशन के सदस्य राम कुमार ने बताया कि लेबोरेटरी संचालकों को पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर कराने के लिए कहा जा रहा है। न्यायालय में उनके केस की अच्छी तरह से पैरवी नहीं हो पाई। मगर अब लेबोरेटरी संचालक न्यायालय में इसकी अच्छी से पैरवी करने के साथ-साथ अपनी आवाज भी बुलंद करेंगे।
सरकारी लैब में हर रोज होते थे 250 तक आज हुए 400 टेस्ट
हरियाणा मेडिकल लेबोरेटरी वेलफेयर एसोसिएशन के हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल में रोजाना की अपेक्षा मंगलवार को दो गुणा मरीजों के टेस्ट हुए। एलएनजेपी अस्पताल के लेब टेक्निशियन इंचार्ज डॉ विनोद ने बताया कि रोजाना 200 से 250 टेस्ट होते थे, लेकिन मेडिकल लेबोरेटरी वेलफेयर एसोसिएशन की हड़ताल के चलते मंगलवार को 400 के करीब मरीजों के टेस्ट हुए।
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सरकारी लैब में लगी टेस्ट के लिए मरीजों की भीड़
हरियाणा मेडिकल लेबोरेटरी वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को लैब संचालकों ने हड़ताल रखी। लेबोरेटरी संचालकों की हड़ताल के चलते टेस्ट कराने के लिए मरीजों को भारी परेशानी उठानी पडी। निजी अस्पतालों की लैबोरेटरियों में भी हड़ताल के कारण काम ठप्प रहा। हड़ताल के कारण ज्यादातर मरीजों के खून, पेशाब आदी के टेस्ट नही हो सके तो काफी मरीजों ने सरकारी अस्पताल की लेबोरेटरी में अपने टेस्ट कराए। निजी लेबोरेटरी संचालकों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पताल की लेबोरेटरी में अचानक मरीजों की सं या में बढ़ोत्तरी हो गई। सरकारी अस्पताल की लेबोरेटरी में मंगलवार को टेस्ट कराने वाले लोगों की सं या में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सरकारी अस्पताल की लैब के तकनीशियन रामबीर ने बताया कि सरकारी लैब में रोज करीब तीन सौ के आसपास मरीजों के टेस्ट किए जाते हैं लेकिन मंगलवार को टेस्ट के लिए आए मरीजों की सं या का आंकड़ा 415 को पार कर गया। वहीं सरकारी लैब में अपने खून के टेस्ट कराने आए लाडवा निवासी बृजमोहन ने बताया कि प्राइवेट लेबोरेटरी वालों की हड़ताल के कारण खून टेस्ट कराने में बडी परेशानी उठानी पडी। बृजमोहन ने बताया कि सरकारी अस्पताल की लैब में भारी भीड के कारण उसका टेस्ट के लिए नंबर डेढ़ घंटे में आ पाया। निजी लैब संचालक रवि कुमार, जंगबीर, राकेश आदी ने बताया कि क्लीनिकल एस्टेबलाइसमेंट एक्ट की आड़ में उनकी रोजी-रोटी पर हमला बोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि निजी संचालकों को अपनी लैब बंदकर हड़ताल करना उनकी मजबूरी है और लोगों को इस हड़ताल के लिए होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार है।
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मांग रखना ठीक लेकिन मरीजों की सुविधा का भी ध्यान रखना
चाहिए- गौरव
निजी लेबोरेटरी संचालकों की हड़ताल के चलते ब्लड व यूरिन से संबंधित जांच करवाने वाले मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के मौसम में सुबह से ही मरीज एक से दूसरी लेबोरेटरी में जांच के लिए भटकते रहे लेकिन कस्बा व क्षेत्र के निजी लेबोरेटरी की हड़ताल के कारण उन्हें मायूस होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ा। बता दें निजी मांगों को लेकर जिले के निजी लेबोरेटरी संचालक दो दिवसीय हड़ताल पर है। हड़ताल के चलते कस्बा के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में भी भीड़ रही। गौरव शर्मा ने बताया कि वह दवाई देने के लिए डाक्टर के पास आया जहां पर डॉक्टर ने कुछ टेस्ट लिख दिए जब वह टेस्ट कराने के लिए निजी लेबोरेटरी सेंटरों में गया लेकिन हड़ताल के चलते लेबोरेटरी बंद होने कारण उसे खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अपनी निजी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाना ठीक नहीं है। ऐसा करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। भीषण गर्मी के मौसम में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इंसानियत के नाते निजी लैब संचालकों को मरीजों की सुविधा का भी ध्यान रखना चाहिए। अपनी मांग रखना जायज है लेकिन मरीजों की सुविधा का भी ध्यान रखना चाहिए।
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