पिछले साल अभिभावक ने स्कूल के फिजूल खर्च का विरोध किया तो इस साल स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के थमाए एसएलसी
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा । पिछले साल एक अभिभावक द्वारा एक नामी प्राइवेट स्कूल में लिए जा रहे फिजूल खर्च का विरोध किया तो इस साल स्कूल प्रबंधन ने उस अभिभावक के तीन बच्चों का एसएलसी उनकी दुकान पर भेज दिया, ताकि इस बार अभिभावक विरोध ही ना कर सके। परंतु स्कूल प्रबंधन का यह दाव उन भारी पड़ गया। अभिभावक ने स्कूल की इस मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग सहित सीएम ट्वीट पर मामले की शिकायत कर दी। शिकायत मिलने पर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया और सोमवार को जिला शिक्षा विभाग की टीम डिप्टी डीईओ के नेतृत्व में स्कूल पहुंच गई। सूचना पाकर अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। जहां अधिकारियों के दखल के बाद स्कूल प्रबंधन ने अपनी गलती मानते हुए तीनों बच्चों का एसएलसी रद्द कर दिया और तीनों बच्चों की अनवेल डेवलपमेंट फीस माफ करने का आश्वासन दिया, लेकिन अभिभावक अभी भी प्रिंसिपल के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।
उपेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार से तीन बच्चे निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं। पिछले साल उन्होंने कुछ अभिभावकों के साथ मिलकर प्राइवेट स्कूलों द्वारा लिए जा रहे फिजूल चार्ज का विरोध किया था। विरोध के चलते स्कूलों ने फिजूल चार्ज नहीं लेने का आश्वासन दिया था। इस साल भी स्कूल प्रबंधन को यह डर था कि पिछले साल की तरह उनका विरोध किया जाएगा। इसी के चलते स्कूल प्रबंधन ने वार्षिक परीक्षाओं के रिज्लट के बाद उनके तीनों बच्चों का एसएलसी (स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट) उनकी दुकान पर भेज दिया, जबकि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से एसएलसी की कोई मांग नहीं की थी। इसकी की शिकायत उन्होंने तुरंत शिक्षा विभाग व सीएम ट्वीट पर की थी। शिकायत पाकर शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल पहुंच गए। जहां अधिकारियों के दखल के बाद स्कूल प्रबंधन ने तीनों बच्चों का एसएलसी रद्द कर दिया है। लेकिन अभिभावक शिक्षा विभाग की इस कार्यवाही से असंतुष्ट हैैं और स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। उपेश कुमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने उनकी मर्जी के बिना बच्चों को स्कूल से निकालने का अपराध किया है। यह स्कूल प्रबंधन की मनमानी है और इस मामले में प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
डिप्टी डीईओ ने नहीं दिया संतोषजनक जवाब
डिप्टी डीईओ सतनाम सिंह से जब पूछा गया कि स्कूल डेवलोपमेंट चार्ज ले सकते है या नहीं तो उन्होंने कोई संतोष जनक जवाब नहीं दिया बल्कि सारी बात स्कूल प्रबंधन के सिर पर छोड़ दी। उन्होंने बताया कि उन्हें रुपेश कुमार की शिकायत मिली थी। स्कूल प्रबंधन ने तीनों बच्चों के एसएलसी रद्द कर दिए है। उधर, स्कूल प्रिंसीपल एनसी बिंदल ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने पिछले साल ही चार्ज बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया था। स्कूल में 134ए के तहत होने वाले एडमिशन पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। फिर भी कोई अभिभावक अनवेल चार्ज देने में असमर्थ है तो आखिरी फैसला स्कूूल मैनेजमेंट कमेटी का होगा। जब उनसे सवाल किया गया कि बच्चों के एसएलसी क्यो काटे गए है तो उन्होंने बताया कि अभिभावकों द्वारा अनवेल चार्ज नहीं दिए जाने पर एसएलसी दिए गए है।