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फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को जोहरा सहगल रंग सम्मान

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फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को जोहरा सहगल रंग सम्मान
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रंगमंच समाज का आइना है और शांति और सामंजस्य स्थापित करने का हथियार भी है। रंगकर्मी सामाजिक समस्याओं को उजागर करने और संदेश देने के साथ संस्कृति के वाहक के रूप में भी कार्य करते हैं। इसी प्रक्रिया को जारी रखते हुए रास कला मंच ने कला के साथ-साथ राष्ट्र को भी सम्मान दिया है। नाट्य महोत्सव के दौरान शहीदों को याद कर उनके परिवार को आर्थिक सहयोग देकर राष्ट्रहित में कार्य करना बेहद सराहनीय कदम है। यह विचार फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने मैक में चल रहे 9वें चलो थियेटर कार्यक्रम के समापन अवसर पर रखे। इस दौरान उन्हें फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को जोहरा सहगल रंग सम्मान दिया गया।
16 फरवरी से हरियाणा कला परिषद् मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के सहयोग से रास कला मंच द्वारा आयोजित राष्ट्रीय नाट्य उत्सव 9वें चलो थियेटर का भव्य समापन हुआ। उत्सव के समापन पर फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी तथा अभिनेता रोहिताश गौड़ की पत्नी रेखा गौड़ विशेष रूप से पहुंचीं। रास कला मंच के अध्यक्ष रवि मोहन ने बताया कि इस उत्सव के समापन पर राज्यपाल हरियाणा प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचने वाले थे, लेकिन किसान आंदोलन के चलते सुरक्षा की दृष्टि से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया।
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इन्हें किया गया सम्मानित
पिछले नौ वर्षों से रंगमंच एवं सिनेजगत में मुकाम हासिल करने वाले कलाकारों को रास कला मंच सम्मानित करता रहा है। रास कला मंच के संस्थापक रास बिहारी और मैक के मुख्य सलाहकार महेश जोशी ने फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को जोहरा सहगल रंग सम्मान और अभिनेता रोहिताश गौड़ के स्थान पर उनकी धर्मपत्नी रेखा गौड़ को ओमपुरी रंग सम्मान से नवाजा। मंच ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले प्रदेश के दो शहीदों पानीपत के शहीद सचिन शर्मा और करनाल के शहीद परगट सिंह के परिवारों को भी एक-एक लाख रुपये की सहायतार्थ राशि देकर श्रद्धांजलि दी। शहीद परगट सिंह की पत्नी, बच्चे और माता-पिता मंच पर पहुंचे तो सभी ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। हिमानी शिवपुरी और रेखा गौड़ ने शहीद परिवार के पैर छूए।
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नाटक ढोला-मारु में पूरण सिंह भाट की उंगलियों ने डाली पुतलों में जान
नाटक ढोला मारु में संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित पूरण सिंह भाट और उनके साथी कलाकारों ने कठपुतलियों के माध्यम से कहानी मंचन किया। ढोला जो मारु से प्रेम करता है, लेकिन एक जादूगरनी के कारण अपनी प्रेमिका को भूल जाता है। मारु तरह-तरह के प्रयास कर ढोला को याद दिलाती है, लेकिन जादूगरनी का जादू दोनों के बीच में दिवार बना रहता है। कठपुतलियों के माध्यम से कही जा रही इस कहानी में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा को इतने बेहतरीन ढंग से दिखाया कि दर्शक दंग रह गए। कठपुतली का नृत्य, उसकी सांस का चलना, ऊंट का दौडना, तोते तथा सांप का मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना आदि दृश्य लोगों को रोमांचित करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे थे। इस अवसर पर रास कला मंच की सदस्य रुचि भारद्वाज, दीपक शर्मा, पवन भारद्वाज, किरण दत्त, दीपांश तथा आशीष सैनी सहित अन्य मौजूद रहे।
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