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शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था, गंदगी के लगे ढेर

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शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था, गंदगी के लगे ढेर
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जिला प्रशासन से लेकर नगर परिषद तक अनेकों बार स्वच्छता अभियान चला चुकी है, इसके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था कई दिनों से दम तोड़ रही है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। पानी निकासी के बड़े नालों से लेकर विभिन्न कॉलोनियों में नाली तक गंदगी से अटी पड़ी हैं। शहर का यह हाल तब है, जबकि पिछले माह ही केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम शहर का सर्वेक्षण कर लौटी है। इस टीम के लौटते ही नगर परिषद भी सफाई व्यवस्था को लेकर सुस्त दिखाई पड़ रही है। इसके चलते अब शहर में कहीं भी विशेष अभियान नहीं चला है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने से पार्षदों से लेकर आम लोगों में भी रोष पनप रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन ने सर्वेक्षण के चलते तो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाए।
बीमारी फैलने की बनने लगी आशंका : जोगिंद्र
वार्ड नं-8 के पार्षद जोगिंद्र सिंह का कहना है कि उनके वार्ड में कई दिन से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। यहां पानी निकासी की अनेक नालियां अवरुद्ध हैं। नालियों से निकाली गई गंदगी भी नहीं उठाई जा रही। सफाई व्यवस्था न बन पाने के कारण गंदगी के ढेर लगने लगे हैं। नगर परिषद के अधिकारियों को भी इस बारे में उन्होंने अवगत करवाया है, जिसके बाद भी सफाई नहीं हो पाई है।
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सेक्टर के क्षेत्र में भी गंदगी के ढेर : सुदेश
वार्ड-9 के पार्षद सुदेश चौधरी का कहना है कि शहर की कॉलोनी ही नहीं, सेक्टरों में भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। सेक्टर-2 में भी गंदगी बड़े क्षेत्र में फैली है। अन्य कई जगहों पर भी गंदगी फैलने से बीमारी फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। पिछले माह करवाई गई सफाई का भी अब कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
सफाई व्यवस्था को गंभीरता से लेने की जरूरत : शैंकी
पार्षद अमित गर्ग शैंकी का कहना है कि केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक स्वच्छता को बढ़ावा देने के दावे और प्रयास कर रही है। इसके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल हो रही है। सफाई व्यवस्था को जिला और नगर प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए। इसके लिए हर समय व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है।
‘न पूरे क्षेत्र में डंपर पहुंचते और न गंदगी उठ रही’
वार्ड-26 के पार्षद संदीप टेका और वार्ड-27 की पार्षद नवनीत टेका का कहना है कि उनके क्षेत्र में न तो नगर परिषद के डंपर हर स्थान पर पहुंच रहे हैं और न ही सफाई कर्मी। यहां तक कि गंदगी के ढेरों को उठाने के लिए भी कोई व्यवस्था संबंधित अधिकारी नहीं कर रहे। यह हालात तब हैं, जबकि शहर को स्वच्छ शहरों की श्रेणी में लाने के दावे किए जा रहे हैं।
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हर माह एक सप्ताह पूरा स्टाफ उतरेगा सफाई अभियान में : कर्मचंद
नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर कर्मचंद का कहना है कि शहर में फिर से सफाई अभियान पहले की तरह चलाए जाने की योजना बनाई जा रही है। दो दिन पहले भी सभी सफाई कर्मचारियों और नप अधिकारियों की बैठक हुई है। इसमें हर माह एक सप्ताह के सभी दिन शहर के सफाई अभियान पूरे स्टाफ द्वारा चलाए जाने पर विचार किया गया है। विधायक को भी नप अधिकारियों ने इस विचार से अवगत करा दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।
नगर परिषद के पास 420 सफाई कर्मी, 81 डंपर
नगर परिषद में 420 सफाई कर्मी है। इनमें 316 अस्थाई और 104 स्थाई कर्मी हैं। परिषद के पास घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए 81 डंपर हैं।
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