नहर को शुरू करवाने के लिए लड़ेंगे अब कानूनी लड़ाई : धंतौड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
दादूपुर नहर के निर्माण की मांग को लेकर पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी के नेतृत्व में कांग्रेस का 51 दिन का क्रमिक अनशन मंगलवार को समाप्त हो गया। धरने के अंतिम दिन पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी सहित किसानों और कांग्रेस वर्करों ने तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नहर के निर्माण की मांग की।
धंतौड़ी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो दादूपुर नलवी नहर को निरस्त करने का निर्णय लिया है वह देश के संविधान व कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को न तो पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और न ही मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन और कांग्रेस मिलकर राष्ट्रपति के पास जाकर जमीन वापस करने के काले कानून को पास न करने की मांग करेंगे। इस लड़ाई को अब कानून के माध्यम से लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय न्यायालय में एक भी दिन टिकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि 1985 में कांग्रेस ने इस नहर को बनाने की प्लानिंग की थी। 2015 तक 1119 एकड़ जमीन एक्वायर की और 304 करोड़ की लागत से नहर का निर्माण हो गया। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की राशि भी पास की। करीब 111 करोड़ से नलवी और शाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि 225 गांव से गुजरने वाली दादूपुर नहर करीब लाखों हेक्टेयर को लाभ देती। इसलिए इस नहर को बंद नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान यूनियन और कांग्रेस इस निर्णय के खिलाफ न्यायालय में लड़ाई लड़ेगी। लेकिन, नहर को बंद नहीं होने देगी। पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी ने कहा कि नहर को लेकर मुख्यमंत्री के साथ शाहाबाद के राज्यमंत्री कृष्ण बेदी भी सोए हुए हैं। अपने भाजपा वर्करों को किसानों का रूप देकर इस नहर को बंद करने की खुशियां मना रहे हैं। आज यह नहर बंद हुई तो आने वाले समय में शाहाबाद क्षेत्र में सिंचाई की समस्या खड़ी हो जाएगी। उस समय सिवाय पछताने के कुछ नहीं होगा। इससे पहले क्रमिक अनशन के समापन पर सुखमनी साहिब का पाठ भी करवाया गया। इसमें बड़ी संख्या में किसानों और कांग्रेस वर्करों ने शिरकत की। इस अवसर पर राजबीर सिंह हैप्पी तूर, रणधीर कश्यप, दीपा गौरीपुर, संदीप संभालखी, लखविंद्र लखा, अजय पाल गोगपुर, मंगत गोगपुर, हर्षवर्धन कोहली, मलकीत नगला, देवेंद्र खेड़ा, बिल्ला वडैच, भरत बीबीपुर, बिट्टू हबाना, रवि शर्मा, कर्म सिंह दाऊमाजरा, सतविंद सिंह, मान सिंह रतनगढ़, ऋषिपाल ठोल आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।