अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/शाहबाद।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राम निवास ने कहा कि किसानों को इस सीजन में धान की फसलों के दाम निर्धारित मूल्य से ज्यादा मिल रहे हैं। किसानों को धान की 1509 किस्म के दाम 3200 से लेकर 3300 रुपये तक मिल रहे हैं। कॉमन ग्रेड और पीआर 14 के दाम भी निर्धारित मूल्य से 100 रुपये अधिक मिल रहे हैं।
वह सोमवार को कुरुक्षेत्र, पीपली और शाहबाद की मंडियों का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। इससे पहले एसीएस राम निवास, उपायुक्त सुमेधा कटारिया और एजेंसियों के अधिकारियों ने मंडियों में जाकर धान की फसल की नमी चेक की। अलग-अलग ढेरियों से सैंपल लेकर अपने सामने ही मशीन से नमी की रिपोर्ट भी देखी। इस दौरान एसीएस ने किसानों और व्यापारियों से बातचीत कर मंडियों में खरीद, उठान, भुगतान के साथ अन्य समस्याओं के बारे में जाना। इस दौरान अधिकारियों ने माना कि पीक सीजन होने के कारण उठान में परेशानी आ रही हैं। एसीएस ने कहा कि इस सीजन में गत वर्ष के अपेक्षा आठ से दस फीसदी तक ज्यादा आवक मंडियों में हुई हैं। थानेसर मंडी में आठ अक्तूबर तक 13 लाख 17 हजार 963 क्विंटल धान आ चुका है। इस तारीख तक गत वर्ष धान की आवक का आंकड़ा 12 लाख 41 हजार 553 क्विंटल था। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक 4 लाख 92 हजार 102 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इस सीजन में 17 प्रतिशत नमी होने के बावजूद किसानों को धान के निर्धारित न्यूनतम मूल्य से ज्यादा दाम मंडियों में मिल रहे हैं। किसानों को फसलों के भुगतान में परेशानी नहीं आने दी जा रही। सभी एजेंसियों को 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने एजेंसियों के अधिकारियों को तुरंत और तेजी से उठान कार्य करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों के लिए शौचालय, पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए। मंडियों में बारदाने की कमी नहीं हैं। प्रदेश की प्रत्येक मंडी में किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इस मौके पर उपायुक्त सुमेधा कटारिया, डीएफएसई विरेंद्र सिंह, मुकुंद लाल, एएफएसओ शीशपाल, निरीक्षक प्रवीण कुमार आदि मौजूद थे।
करीब 10 मिनट के दौरे में दिए कई आदेश
एसीएस ने करीब 10 मिनट तक कुरुक्षेत्र नई अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने धान की नमी से लेकर आवक, उठान आदि की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद डीसी और अन्य अधिकारियों को आदेश दिए कि किसानों से लेकर आढ़तियों तक को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने मंडी के बाहर सीवरेज व्यवस्था को लेकर तोड़ी गई सड़क को गंभीरता से लिया। साथ ही उसे जल्द से जल्द ठीक करने के आदेश दिए।