अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले वीरवार को सैकड़ों किसानों ने सूरजमुखी फसल की पूरी खरीद की मांग करते हुए भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में गिरफ्तारियां दीं। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब तक किसानों की सूरजमुखी का एक-एक दाना नहीं बिक जाता वह जेल से बाहर नहीं आएंगे।
उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने केवल 31 हजार क्विंटल सूरजमुखी की सरकारी खरीद की मंजूरी दी थी जिसमें से 11 हजार क्विंटल अंबाला कैंट और 20 हजार क्विंटल शाहाबाद के हिस्से आई थी। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई को 20 हजार क्विंटल सूरजमुखी की खरीद पूरी होते ही खरीद एजेंसी ने खरीद बंद कर दी जो किसानों के साथ छल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को पूरी फसल खरीद का आश्वासन दिया था लेकिन अब प्रशासन अपने वायदे से भाग रहा है। उल्लेखनीय है कि खरीद एजेंसी हैफेड ने टारगेट पूरा होने के बाद अचानक खरीद बंद का नोटिस चस्पा दिया और खरीद से हाथ खड़े कर लिए थे। जिस कारण किसानों ने वीरवार को अनाज मंडी में पंचायत बुला कर गिरफ्तारियां देने का निर्णय लिया। इस पंचायत में पहुंचे एसडीएम सतबीर कुंडु ने किसानों से कहा कि सरकार की ओर से 8000 क्विंटल अतिरिक्त खरीद का नोटिफिकेशन आ चुका है और इस खरीद का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। लेकिन भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने 8000 क्विंटल की अतिरिक्त खरीद की पेशकश को ठुकरा दिया और गिरफ्तारियां देने का निर्णय लिया। गुरनाम सिंह ने पंचायत में कहा कि जब तक किसानों की पूरी फसल नहीं खरीदी जाती तब तक वह जेल जाएंगे और अगर कोई किसान उनके साथ अपनी मर्जी से जेल जाना जाता है तो आ सकता है। इस पर सैकड़ों किसान गिरफ्तारियां देने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद अनाज मंडी से किसान रोष प्रदर्शन करते शाहाबाद थाना पहुंचे और गिरफ्तारियां दीं।
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दो सरकारी बसों में जेल गए किसान
किसानों की गिरफ्तारियां लेने के लिए डीएसपी जगदीश राय शाहाबाद थाना में मौजूद रहे। दो सरकारी बसों में बैठाकर किसानों को शाहाबाद थाना से कुरुक्षेत्र जेल में भेजा गया।
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सरकार ने किसानों के साथ किया धोखा
भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब तक शाहाबाद क्षेत्र के 90 गांवों में से केवल 18 गांव ही अपनी सूरजमुखी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच पाए हैं और 72 गांव की फसल का एक दाना भी अभी नहीं बिका है। इस कारण यह बात किसानों को हजम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन ने मिलकर किसानों के साथ धोखा किया है। चढूनी ने कहा कि अब तो किसानों की पूरी फसल खरीद के बाद ही संघर्ष समाप्त होगा। चढूनी ने कहा कि शाहाबाद रैली से पहले कैबिनेट की बैठक बुलाकर सरकार ने 50 प्रतिशत खरीद का आश्वासन दिया था जिस पर सभी किसानों ने सहमति जताते हुए अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। लेकिन सरकार अपने वायदे से मुंह फेर गई है जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेगा।
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अनाज मंडी में धरना जारी
पूरी खरीद की फसल की मांग को लेकर जहां सैकड़ों किसान जेल चले गए वहीं भाकियू के बैनर तले किसानों का धरना अनाज मंडी परिसर में जारी रहा। किसानों का नेतृत्व तेजपाल व जसबीर सिंह मामूमाजरा करते रहे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती और जेल के साथियों के लिए धरना निरंतर जारी रहेगा।