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अनेकों निजी संस्थानों के गले नहीं उतर रही सोलर पॉवर प्लांट योजना

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सेवा सिंह
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कुरुक्षेत्र।
निजी से लेकर सरकारी भवनों की छतों पर नेट मीटिंग आनर ग्रिड सोलर पावर प्लांट लगाए जाने की सरकार की योजना अनेकों निजी संस्थानों के गले नहीं उतर पा रही है, यही कारण है कि सरकार व प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद भी आज तक शहर में ही स्थित अनेकों नामी शिक्षण संस्थानों, मैरिज पैलेस संचालकों ने इस योजना के लिए आवेदन तक नहीं किया है। इस पर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है, जिसके चलते ऐसे संस्थानों को जल्द ही नोटिस भेजे जाएंगे तो उनसे इस योजना को न अपनाए जाने के कारणों को भी जाना जाएगा। इसके बावजूद भी ये संस्थान इस योजना के अपनाने के लिए तैयार नहीं हुए तो उनके न केवल बिजल कनेक्शन काटे जाएंगे बल्कि अन्य कार्रवाई भी तलाश की जा रही है। ऐसे में इस योजना को न अपनाने वाले ऐसे संस्थानों, विभागों व इस योजना के लिए तय नियमों के अंतर्गत आने वाले आम लोगों की खैर नहीं होगी। बता दें कि प्रदेश सरकार ने बिजली बचत करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य के चलते हर घर की छत पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जहां सभी सरकारी विभागों के लिए आवश्यक किया गया है तो वहीं सभी सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण और अन्य संस्थानों के अलावा हुड्डा, नगर परिषद, एचएसआईडीसी के अधीन 500 स्कवेयर यार्ड तक के निजी घरों पर भी ये पावर प्लांट लगाना आवश्यक किया हुआ है। इसके लिए सरकार ने सब्सिडी भी अलग-अलग दरों के अनुसार दिए जाने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी इस योजना को लेकर सरकारी विभाग भी गंभीर दिखाई नहीं दे रहे है और अभी तक अनेकों विभागों ने संबंधित विभाग से संपर्क तक करना मुनासिब नहीं समझा है। वहीं शहर में ही स्थित करीब दर्जन भर निजी शिक्षण संस्थानों ने आवेदन तक नहीं किया है।
30 जून तक आवेदन के दिए थे निर्देश
योजना के नोडल अधिकारी एवं एडीसी धर्मवीर सिंह ने जून माह के पहले सप्ताह में ही सरकारी विभागों के अधिकारियों, संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित अन्य लोगों की भी बैठक ली थी, जिसमें इस योजना के फायदे बताए गए तो वहीं 30 जून तक आवेदन करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद आवेदन न करने और प्लांट न लगाए जाने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई थी।
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सरकारी विभागों के पास नहीं है बजट
भले ही सरकार ने अपने हर विभाग को इस योजना के अपनाना अनिवार्य किया हुआ है, वहीं आज तक भी अनेकों विभागों के पास लाखों रुपये की इस योजना को लगाने के लिए बजट नहीं है। यह बजट कब तक उन्हें मिल पाएगा, यह भी अनेकों विभागों केे स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
लाखों रुपये खर्च करने से हिचक रहे लोग
हालांकि यह प्लांट लगाए जाने की मंजूरी निजी घरों पर भी वर्तमान में बिजली के लोड के अनुसार ही दी जा रही है। इसके बावजूद भी यह प्लांट लगाने पर लाखों रुपये का खर्च आता है, जिसको खर्च करने से वे हिचक रहे है।
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ये है खूबियां
ऑनग्रिड रूफटोप सोलर पावर प्लांट दिन के समय बिजली पैदा करता है।
करीब 1500 यूनिट प्रति किलो वाट सालाना बिजली उत्पादन करता है।
चार से पांच साल में प्लांट की कीमत पूरी हो जाती है।
पैनल की आयु 25 वर्ष मानी जा रही है
शौर और प्रदूषण नहीं होता।
खुद की बिजली होगी तो बेच भी सकेंगे : एडीसी
एडीसी धर्मवीर सिंह का कहना है कि सोलर पावर प्लांट लगाने से जहां हर कोई अपने घर के लिए बिजली पैदा कर सकता है वहीं अधिक बिजली होने पर सरकार को बेच भी सकता है। यह बिजली बचत व समृद्धि के लिए बेहतरीन योजना है। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार यह प्लांट न लगाने पर अब जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे , जिसके बाद अगली कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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