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15 से 17 मार्च को कुरुक्षेत्र में होगी विद्या भारती की साधारण सभा

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राष्ट भक्त युवा पीढ़ी का निर्माण कर रही विद्या भारती
- कुरुक्षेत्र में विद्या भारती अखिल भारतीय शैक्षिक संगठन की बैठक 15 से
- संस्कारयुक्त राष्ट्रभक्त युवा पीढ़ी का निर्माण विद्या भारती का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गीता निकेतन आवासीय विद्यालय परिसर में 15 से 17 मार्च, 2019 को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की साधारण सभा-2019 होगी। इस संबंध में शुक्रवार को गीता निकेतन के लव-कुश भवन में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के महामंत्री सुरेंद्र अत्री ने बताया कि विद्या भारती शिक्षा के क्षेत्र में सा विद्या या विमुक्तये का ध्येय वाक्य लेकर एवं विस्तृत लक्ष्य जिसमें इस प्रकार की राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली का विकास करना है, जिसके द्वारा ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण हो सके और हिन्दुत्व निष्ठ एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो, जो शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित हो। ऐसी युवा पीढ़ी जो जीवन की वर्तमान चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सके। उसका जीवन ग्रामों, वनों, गिरी कंदराओं में निवास करने वाले दीन-दुखी एवं अभावग्रस्त अपने बंधुओं को सामाजिक कुरीतियों, शोषण एवं अन्याय से मुक्त कराकर राष्ट्र जीवन को समरस एवं सुसंस्कृत बनाने के लिए समर्पित हो। इस लक्ष्य को लेकर 1952 में गोरखपुर में एक छोटा सा विद्यालय प्रारंभ कर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ किया। यह एक पौधा आज वट-वृक्ष का रूप ले चुका है।
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आज यह विश्व का सबसे बड़ा गैर सहायता प्राप्त शैक्षिक संगठन हैै। देश के 705 जिलों में से 623 जिलों में विद्या भारती का काम है। 5300 जिला केंद्रों पर विद्या भारती के विद्यालय हैं। देश भर में विद्या भारती के मार्गदर्शन में 25296 शैक्षिक संस्थाएं संचालित हैं, जिसमें 12678 औपचारिक एवं 12618 अनौपचारिक (एकल विद्यालय) हैं। इन विद्यालयों में 400 लाख विद्यार्थी 149748 शिक्षकों से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिशु वाटिका के अंतर्गत खेल-खेल में शिक्षा एवं गतिविधि आधारित शिक्षा पर ध्यान दिया जाता है। सर्वांगीण विकास की दृष्टि से शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, संगीत, संस्कृत, नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के शिक्षण की व्यवस्था विद्यालयों में की गई है। विद्या भारती बालिका शिक्षा, ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षा, सेवा क्षेत्र की शिक्षा, जनजातीय क्षेत्र की शिक्षा एवं प्रशिक्षण की योजनाएं चलाती है। सुरेंद्र अत्री ने आगे बताया कि विद्या भारती का संपूर्ण तंत्र संगठनात्मक दृष्टि से 11 क्षेत्रों में बंटा है। जिनमें प्रांत स्तर की 70 समितियां काम करती हैं मिजोरम को छोड़कर सभी प्रांतों में विद्या भारती का कार्य है। अत्री के अलावा विद्या भारती, हरियाणा के संगठन मंत्री बालकिशन, सह संगठन मंत्री रवि कुमार, अध्यक्ष ऋषिराज वशिष्ठ, उपाध्यक्ष सत्यनारायण गुप्ता के अलावा गीता निकेतन के प्राचार्य नारायण सिंह भी उपस्थित रहे।
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