अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। निजी बसों के विरोध में 16 अक्तूबर से हड़ताल पर उतरे रोडवेज कर्मचारियों के प्रति वीरवार को पुलिस प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया। पुलिस ने न केवल बस अड्डे के समीप ताज पार्क से धरना उठवा दिया बल्कि माइक बंद करवा दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने करीब 400 मीटर दूरी पर पार्क के बाहर धरना दिया और हरियाणा दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। कर्मचारी शुरू से ही ताज पार्क में बस अड्डे के समीप ही धरना देकर रोष जता रहे थे। वीरवार को भी सुबह करीब आधा दर्जन कर्मचारी ही धरना स्थल पर पहुंच पाए थे कि पुलिस ने मौके पर पहुंच वहां से धरना हटाने को कहा। यहीं नहीं उन्होंने माइक को भी इजाजत न होने के चलते बंद करने को कहा। जिसके बाद कर्मचारियों ने न केवल वहां से धरना हटा ताज पार्क के बाहर बस अड्डे से करीब 400 मीटर दूरी पर धरना शुरू किया। इस दौरान जहां अनेकों कर्मचारी काले कपड़े पहन कर एवं काली पट्टी बांध कर रोष जताया। कर्मचारियों को माया राम उनियाल, मलू चंद तिगरी, नरेश कुमार, रणजीत करोड़ा, प्रेम सिंह चोरकारसा, सुरेंद्र बारवा, महाबीर दहिया, सुरेश गुढ़ा, सुदेश कुमारी, उषा देवी सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।
जीएम ने हड़तालियों को दिया अल्टीमेटम
सरकार ने हड़ताल पर उतरे रोडवेज कर्मचारियों को ऑफर दिया है कि वे आज या कल ड्यूटी पर लौटते है तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। पहले से किसी कानूनी कार्रवाई में न फंसे इन कर्मचारियों में से जो भी ड्यूटी पर लौटेंगे उनकी छुट्टी मंजूर कर ली जाएगी साथ ही अन्य कार्रवाई से भी उन्हें बाहर रखा जाएगा। यह पुष्टि जीएम लेखराज ने की। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद आए इन आदेशों की प्रति बस अड्डे पर सार्वजनिक तौर पर लगा दी गई है, लेकिन देर शाम तक कोई कर्मचारी नहीं लौटा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन व माइक को हटाना पुलिस प्रशासन का काम है, उन्हें बस अड्डे से बाहर धरने से कोई आपत्ति नहीं थी।