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- धर्मनगरी में अनेक अवसरों पर आए राजनीति के पुरोधा अटल बिहारी वाजपेयी
- विदेश मंत्री रहते हुए 1978 में किया था श्रीकृष्णा धाम का शिलान्यास
- तब अटल बिहारी ने कुरुक्षेत्र में दिया था संस्कृत में पूरा भाषण
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में ऐसे अनेक अवसर आए जब सत्ता और विपक्ष में रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी की यादें कुरुक्षेत्र से जुड़ती चली गईं। विदेश मंत्री के रुप में अटलजी ने ही कुरुक्षेत्र के कृष्णा धाम का शिलान्यास 31 मार्च 1978 को किया था। पंडित पवन शर्मा शास्त्री उस कार्यक्रम की याद को ताजा करते हुए बताते हैं कि अटलजी ने यहां अपना पूरा भाषण संस्कृत में दिया था। संस्कृत के ज्ञाता उनके भाषण से गदगद हो गए थे। देश के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए अटलजी को पहली बार कुरुक्षेत्र में श्रीराम कथा के लिए 1996 में न्योता दिया गया था ,लेकिन 13 दिन की सरकार के बाद इस कार्यक्रम में तो नहीं पहुंचे, मगर उनका पत्र आयोजकों को जरूर मिला था। डीएवी संस्थाओं के पूर्व सचिव एवं गुलजारी लाल नंदा के साथ रहे विजय सभ्रवाल ने बताया कि 4 जुलाई 1999 को बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी भी कुरुक्षेत्र पहुंचे थे, तब उन्होंने यहां ब्रह्मसरोवर पर स्थापित किये गये भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लालनंदा की स्मृति में बनाये गये स्माधि सदाचार स्थल का लोकार्पण किया था। इस दौरान उन्होंने केयू आडिटोरियम हाल में आयोजित कार्यक्रम में भी संबोधित किया था। इसके बाद कुरुक्षेत्र में तीसरी बार खास मौका तब आया जब प्रधानमंत्री पद पर ही रहते हुए अटल जी 6 मार्च 2001 को देश के इकलौते कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र का लोकार्पण करने पहुंचे थे। तब उन्होंने पैनोरमा के सामने खचा खच भरे थीम पार्क में जनसभा को संबोधित किया था।
स्थानीय कई लोगों को नाम से जानते थे अटल जी
स्थानीय निवासी सुभाष नरुला के मुताबिक कुरुक्षेत्र में ऐसे कई लोग थे, जिन्हें अटल जी नाम से जानते थे। इनमें में पिपली के ट्रांसपोर्टर रामशरण दास भी शामिल थे। उन्होंने रामशरण दास के निवास पर 1980 में आए अटलजी की पुरानी फोटो दिखाते हुए कहा कि यह पहला अवसर नहीं था जब अटलजी इनके निवास पर पहुंचे थे,बल्कि इससे पहले और बाद में भी कई बार यहां आए।
अटलजी ने किया था ब्रह्मसरोवर की परिक्रमा का शिलान्यास
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सौजन्य से पश्चिमी ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी परिक्रमा के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी अटलजी ने ही किया था। बता दें कि कुरुक्षेत्र में सदाचार स्थल के लोकार्पण के बाद अटलजी,तत्कालीन राज्यपाल परमानंद, मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अनंत कुमार ब्रह्मसरोवर पर शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे, जिसका गीता जयंती पर लोकार्पण तत्कालीन उप प्रधानमंत्री एलके आडवाणी ने 2003 में किया था।