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जिलेभर में धान की रोपाई करने में जुटे किसान ह

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कुरुक्षेत्र। शुक्रवार रात हुई बारिश ने पिछले चार दिनों छाए धूल के गुबार से निजात दिलाई है। शनिवार को दिनभर मौसम खुशगवार रहा। कृषि विशेषज्ञ डॉ. कर्म चंद के अनुसार शुक्रवार रात को थानेसर में 12 एमएम, लाडवा में 6.5, बाबैन 15 एमएम, शाहाबाद 11 एमएम बारिश हुई है। उनके मुताबिक प्री मानसून में अभी वक्त है और 25 जून तक आने की उम्मीद है। इधर सरकार द्वारा निर्धारित धान की रोपाई करने की प्रतिबंध सीमा खत्म हो चुकी है और शुक्रवार रात को की बारिश होने से किसान धान की रोपाई करने में जुटे गए हैं।
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हरियाणा सरकार द्वारा निरंतर गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए 15 जून से पहले धान की रोपाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया हुआ है, बल्कि कुरुक्षेत्र जिले के सभी ब्लॉकों को डार्क जोन घोषित किया गया है। जिसको लेकर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा भी समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। सरकार द्वारा जारी कि गई अधिसूचना के अनुसार किसान 15 जून से पहले अपने खेतों में धान की रोपाई नहीं कर सकते। लेकिन किसानों ने शुक्रवार से ही धान की रोपाई करने का कार्य शुरू कर दिया है। धान रोपाई के लिए किसानों को सरकार द्वारा हर रोज करीब 8 घंटे बिजली भी उपलब्ध करवाई जा रही है। किसान सतनाम सिह, सतीश कंबोज, साहब सिंह, कर्म सिंह, माम चंद, विकास गर्ग, मेहर सिह, जोगिंद्र सिंह, जगीर सिह का कहना है कि धान की रोपाई का काम तो शुरू हो गया है लेकिन बरसात के बिना धान की रोपाई का काम पूरा नहीं हो पाएगा।

किसान बोले, इन दिनों बारिश बेहद जरूरी
गांव अमीन निवासी किसान मलकीत का कहना है कि इन दिनों बारिश का होना बेहद जरूरी है। यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो किसानों के लिए लाभदायक रहेगी, क्योंकि धान की रोपाई करने का यह सही समय है।
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रोपाई के लिये तैयार कर रहे हैं खेत
किसान कुलदीप सिंह का कहना है कि बारिश होने से किसान धान की रोपाई करने के लिए अपने खेतों को तैयार कर रहे है। यदि ऐसे ही समय-समय पर बारिश होती रही तो किसानों को ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। बारिश होने से बिजली की खप्त कम होगी।

इस्माईलाबाद में भी हलकी बारिश
कस्बे में शुक्रवार रात को हुई बारिश से तापमान में गिरावट आने के साथ मौसम सुहावना हुआ है। वहीं धान के सीजन शुरू होते ही हल्की बरसात होने से धान रोपाई का कार्य भी तेजी से शुरू हो गया है। किसानों ने कहा कि धान रोपाई का सीजन शुरू होते ही हल्की बरसात भी उनके लिए किसी वरदान कम नहीं है। बरसात होने से खेत में पानी की लागत कम होगी तथा धान की रोपाई के लिए खेत भी जल्द तैयार होंगे। किसानों ने कहा कि यह बरसात सब्जियों के लिए भी वरदान साबित होगी।

पिहोवा में 20 मिनट हुई बारिश
शुक्रवार देर रात को हुई बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है। बारिश से लोगों को धूल भरे गुबार व गर्मी से राहत मिली है। पिछले कुछ दिनों से आसमान में धूल का गुबार छाया हुआ था। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर अस्थमा व ह्रदय रोगियों के लिए यह समय काफी कष्टदायक था। वहीं पिछले कुछ दिनों से लोग भीषण गर्मी से भी परेशान थे और लोग बारिश की दुआ कर थे। शुक्रवार देर रात को हुई बारिश से लोगों को गर्मी व धूल भरे गुबार से राहत मिली है। शनिवार को मौसम में ठंडक बनी रही। लोगों ने बताया कि शुक्रवार को करीब 20 मिनट बारिश हुई। हालांकि बारिश बहुत कम हुई। फिर भी इस बारिश से आसमान में छाया धूल का गुबार शांत हो गया और गर्मी से राहत मिली। उधर, किसानों का कहना है कि इस बारिश से खेतों को कोई फायदा नहीं हुआ है। अगर बारिश ज्यादा होती तो खेतों को पानी मिल जाता और धान की फसल लगाने में सहायक होती।

फोटो नंबर-47
बाबैन क्षेत्र में हुई सबसे ज्यादा 15 एमएम बारिश
जिले के बाबैन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 15 एमएम बारिश हुई है। इससे आम आदमी को गर्मी से राहत मिली है, वही धान रोपाई के कार्य ने भी तेजी पकड़ ली है। शुक्रवार रात्रि हुई बरसात से आमजन को गर्मी से राहत मिली व वातावरण में फैले धूल के कणों से भी आमजन ने राहत महसूस की है पिछले दो दिनों से आसमान मे धूल के कणों से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान सतबीर रामपुरा, विकास शर्मा, कृष्ण शर्मा झण्ड़ौला, बलदेव महुआखेड़ी, रवि इशरेहड़ी, लखविन्द्र ग्रेवाल, बाबा गुरचरण सिंह ने बताया कि आजकल धान की रोपाई का सीजन चल रहा है और बिना अच्छी बरसात के धान रोपाई का कार्य संभव नही है।
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