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माता पंजाब कौर स्कूल को ठेके पर देने वाले सख्श पर भी गिर सकती है गाज

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स्कूल के मापदंड से लेकर भवन तक सवालों के घेरे में, होगी एनओसी रद
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कुरुक्षेत्र।
माता पंजाब कौर स्कूल के संचालक ही नहीं,बल्कि इस शिक्षण केंद्र को ठेके पर देने वाले सख्श पर भी अगले दिनों में गाज गिर सकती है। यह संकेत राज्य बाल संरक्षण परिषद के सदस्य परमजीत सिंह बड़ौला ने अमर उजाला से बातचीत में दिये हैं। बता दें कि मंगलवार को उक्त स्कूल की बस के नीचे आने से पांच वर्षीय अरमान की दर्दनाक मौत हुई थी। घटना के समय स्कूल बस में ना हेल्पर था, ना सीसीटीवी कैमरे लगे थे और न स्कूल वाहन का इंश्योरेंस था। माई सिटी में पिछले दो दिनों से माता पंजाब कौर स्कूल की खामियों को प्रमुखता से उजागर किया गया था। आखिरकार इस घटना के तीन दिन बाद राज्य बाल संरक्षण परिषद हरकत में आया और परिषद के सदस्य बड़ौला शिक्षा विभाग और आरटीए की टीम के साथ स्कूल का निरीक्षण करने कुरुक्षेत्र के गांव कनिपला पहुंचे। बड़ौला ने इस घटना के लिये सिस्टम की लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी समय रहते ऐसे लापरवाह स्कूल संचालकों और उनके द्वारा किये गए प्रबंधों की मानीटरिंग करते तो ऐसी दुखद घटना शायद नहीं होती। उन्होंने माना कि गांव कनिपला के माता पंजाब कौर स्कूल की केवल बस ही नहीं, बल्कि इस स्कूल का भवन की हालत भी काफी चिंताजनक है। स्कूल के भवन के हालात साफ दिखते हैं कि हलके भूकंप जैसे विपरीत हालात यहां अनहोनी हो सकती है। बड़ौला के मुताबिक उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को मौके पर बुलाकर निर्देश दिए कि तुरंत प्रभाव से माता पंजाब कौर स्कूल की एनओसी को रद करने की कार्रवाई को आगे बढ़ायें । इसी के साथ राज्य बाल संरक्षण परिषद भी शिक्षा विभाग के निदेशक को लिखित रूप में उक्त स्कूल की एनओसी रद करने का सुझाव भेजेगा। बड़ौला ने बताया कि जब तक ऐसे स्कूलों पर सख्ती करते हुए इन्हें बंद नहीं कराया जाएगा, तब तक घटनाओं पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा। राज्य बाल संरक्षण परिषद के सदस्य परमजीत सिंह बड़ौला ने कहा कि हरियाणा सरकार को स्कूल सेफ्टी गाइड लाइन जारी किये पांच माह हो चुके हैं, इसके बावजूद अधिकारियों के प्रयास इस गाइड लाइन को अमलीजामा पहनाने में बेअसर दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित स्कूल वाहन पालिसी जारी किये तीन साल से ज्यादा समय हो चुका और सभी विभागों के पास गाइड लाइन तो है,मगर इन्हें लागू कराने के लिये गंभीरता नहीं है।

स्कूल दीवारों और छतों में दरारें
माता पंजाब कौर स्कूल की छतों और दीवारों की हालत ऐसी है कि यहां विपरीत हालात में बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। यहां तक की स्कूल के आफिस के साथ बने एक ब्लाक की दीवार में काफी बड़ी दरार आ चुकी है। इसकी ब्लाक की भारी भरकम परतें टूट कर नीचे बिखरी साफ दिखाई देती हैं। पूरे प्रांगण में कही भी अग्निशमन उपकरण नहीं दिखाई देता। स्कूल के मेन गेट पर कोई साइन बोर्ड नहीं है। स्कूल के भीतर आकर माता पंजाब कौर स्कूल का छोटा सा साइन बोर्ड दीवार जरूर दिखाई देता, इस पर यह यह कहीं नहीं लिखा कि यह स्कूल किस बोर्ड से मान्यता प्राप्त है।
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सिस्टम और अधिकारियों से खफा दिखे बड़ौला
-कई शिक्षण संस्थान नहीं पूरा कर रहे मापदंड
-कार्रवाई के दौरान कुछ स्कूल छुट्टी करके चले गये
-अगले दिनों में मैं चुपचाप आकर कर करूंगा कार्रवाई
-कमियां तो अपने सिस्टम है, अगर नियम लागू करते तो हालात में होता सुधार
कमरे के लेंटर में दरार से दिखता सूर्य का प्रकाश
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खेलकूद की गतिविधियों का सामान और गद्दे जिस कमरे में रखे हैं, उसके लेंटर में दरार से सूर्य का प्रकाश कमरे के भीतर तक पहुंचता है। इतना ही नहीं एक सुराख इतना बड़ा है, जिसकी फोटो लेने पर सूर्य का प्रकाश बिजली बल्ब की तरह दिखाई देगा। माता पंजाब कौर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पांच वर्षीय अरमान जैसे और भी कई बच्चे पड़ते हैं, लेकिन इसका टायलेट ब्लाक स्कूल के मेन गेट के साथ छह फुट से अधिक ऊंचाई पर बनाया गया है, जिसके पाथ पर ग्रिल तक नहीं लगी है, यानी फिसलने की स्थिति में कोई भी विद्यार्थी छह फुट से अधिक ऊंचाई से नीचे गिरकर चोटिल हो सकता है।

बीईओ ने माना स्कूल उड़ा रहा था नियमों की धज्जियां
माता पंजाब कौर स्कूल के हालात पर बीईओ विनोद कुमार ने माना कि इस शिक्षण संस्थान के संचालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। बस घटना मामले में मालिक बहरहाल जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि वीरवार को स्कूल प्रबंधन समिति और स्टाफ नहीं मिली है, लेकिन राज्य बाल संरक्षण परिषद की टीम के निर्देशानुसार रिपोर्ट तैयार की गई है और इसी रिपोर्ट के रिपोर्ट को आधार बनाकर स्कूल की एनओसी रद करने की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला लाया जाएगा।

स्कूल संचालक को भेजा जेल : आईओ
स्कूल बस प्रकरण में जांच अधिकारी पिपली थाना के एसआई प्रेम सिंह के मुताबिक माता पंजाब कौर स्कूल के संचालक सेक्टर-3 वासी महेंद्र सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 114,188,287, व 279-304 ए और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बता दें कि स्कूल संचालक को देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने स्कूल संचालक महेंद्र सिंह को वीरवार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां उसे आगामी आदेशों तक जिला कारागार में भेजा गया है।
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अधिक से अधिक दो साल की सजा हो सकती है : एड. वशिष्ट
कुरुक्षेत्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज वरिष्ठ ने बताया कि स्कूल संचालक पर जिन धाराओं में मामला दर्ज हुआ है, उनमें लापरवाही, डीसी के आदेशों की पालना न करना और मशीनरी से क्षति पहुंचाने की हैं। इन धाराओं में कम के कम छह माह और अधिक से अधिक दो साल की सजा हो सकती है। इनमें कोई भी धारा गैर जमानती नहीं है। उन्होंने मंगलवार को गांव सिरसिला वासी पांच वर्षीय अरमान की मौत पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दो षियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना लाजमी है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि जो स्कूल बसें और शिक्षण संस्थान सुप्रीम कोर्ट या सरकार के नियमों की अनदेखी कर रही है, उन पर तत्काल कार्रवाई करे।
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