कुरुक्षेत्र।
धान के इस सीजन में भले ही पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक बारिश होने से अधिक उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन जिला के किसानों को बारिश व बाढ़ की मार भी झेलनी पड़ी है। पिछले सप्ताह ही बारिश व बाढ़ ने जिला के कई क्षेत्रों में तबाही मचाई है, अब किसान मुआवजे की आस में कृषि अधिकारियों के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।
अब तक 370 से अधिक किसान मुआवजे के लिए आवेदन कर चुके है तो वहीं अगले एक-दो दिन में ओर भी आवेदन बढ़ने की उम्मीद है। सबसे अधिक मार गांव तंगौर के किसानों पर पड़ी है जहां 130 किसान अभी तक फसल खराब होने पर मुआवजे के लिए आवेदन कर चुके है। वहीं मारकंडा नदी के कारण आई बाढ़ से शाहाबाद क्षेत्र के कई गांवों की फसलें खराब हुई है, जिसके चलते नुकसान के आंकलन को लेकर विभाग ने सर्वे के लिए टीमें फील्ड में उतार दी है तो वहीं राज्यमंत्री कृष्ण बेदी भी बाढ़ ग्रस्त गांवों में जाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दे चुके है। अब किसान विभाग और मंत्री की ओर टकटकी लगाए हुए है कि उनके उपर टूटे इस कहर की भरपाई आखिर कर कब होगी।
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इन गांवों के किसानों ने ये दिए आवेदन
गांव आवेदन संख्या
तंगौर 130
ठसका अली 25
कठवा 48
बीबीपुर 30
झांसा 40
कलसाना 30
मदनपुर 12
नलवी 30
नैसी 18
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कई अन्य गांवों में भी नुकसान
जहां बाढ़ से शाहाबाद क्षेत्र में अधिक नुकसान हुआ है वहीं 31 अगस्त देर सांय से 2 सितंबर तक हुई भारी बारिश बारिश के चलते भी खेतों में जलभराव हो गया था। सबसे अधिक बारिश थानेसर ब्लॉक में ही 192 एमएम दर्ज की गई थी, जिससे ब्लॉक के अमीन, उमरी, मिर्जापुर सहित कई अन्य गांवों के किसानों की फसल को नुकसान हुआ था। बारिश के बीच ही करीब 60 से अधिक किसानों ने फोन पर ही फसल डूब जाने की शिकायत कृषि अधिकारियों को दर्ज करवाई थी तो वहीं इसके बाद भी सैकड़ों किसानों ने बारिश से फसल नष्ट हो जाने पर मुआवजे के लिए आवेदन दिया।
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डूबी हुई है फसलें, हुआ है बड़ा नुकसान : कर्मचंद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ कर्मचंद , एसडीओ थानेसर सुरेश कुमार व एएसओ बलकार सिंह बुधवार को बाढ़ से पीड़ित गांव कठवा, कलसाना व नलवी सहित कई गांवों के खेतों का दौरा किया, जिसके बाद उपनिदेशक ने अमर उजाला से बातचीत में स्वीकार किया कि फसलें डूबी हुई है, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित गांव तंगौर हुआ है।
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सर्वे के लिए फील्ड में उतारी 6 टीमें
कृषि विभाग व फसल बीमा योजना से संबंधित बीमा कंपनी ने फील्ड में 6 टीमें उतारी है। हर ब्लॉक में उतारी गई यह टीमें बारिश व बाढ़ दोनों से ही हुए नुकसान का आंकलन करेगी। इन टीमों में कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी, कंपनी की ओर से लोस असेसर व पीड़ित एवं अन्य किसी किसान को शामिल किया गया है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ कर्मचंद के अनुसार अगले करीब 10 दिन में ही यह सर्वे कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट संबंधित कंपनी व उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। उनका कहना है कि मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने पर ही दिया जा सकेगा।