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जिले की आधी आबादी बिना कनेक् शन लिए ही गटक रही पानी ं

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फोटो 1,2
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आधी आबादी बिना कनेक्शन लिए ही गटक रही पानी
-सीवेज व्यवस्था से आज भी 40 फीसदी क्षेत्र महरूम
-ग्रामीणों को पीने के पानी के चुकाने पड़ रहे दोगुना अधिक दाम
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। लोगों की प्यास बुझाने के लिए भले ही प्रदेश सरकार व जनस्वास्थ्य विभाग भरसक प्रयास कर रहे हों, लेकिन आज भी जिले की आधी से अधिक आबादी बिना कनेक्शन लिए ही पानी गटक रही है। इसके बावजूद पानी के लिए जहां अब शहरी क्षेत्र में हुड्डा के अधीन आने वाले लोगों को अधिक बिल चुकाना पड़ रहा है तो वहीं विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में दोगुना अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। ये लोग विभाग की ओर से बिछाई गई पाइप लाइन से खुद ही अपनी पाइप जोड़ जुगाड़ से प्यास बुझा रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कनेक्शन लिए लोगों से भी अधिक महंगा पड़ रहा है।
यह अलग बात है कि जरूरत के अनुसार आज भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है और जिला की करीब 10 लाख से अधिक आबादी के लिए 800 ट्यूबवेल ही पानी पहुंचा रहे हैं। ऐसे में करीब डेढ़ हजार लोगों पर एक ट्यूबवेल की ही आज तक व्यवस्था हो पाई है। इसमें भी अधिकतर लोग दूषित पानी ही पी रहे हैं, जिसमें विभाग बिना कनेक्शन व मीटर के पानी पीने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। विभाग की मानें तो इन लोगों द्वारा कहीं भी पाइप लाइन में जोड़ लगा लिए जाने व जोड़ सही नहीं किए जाने के चलते पानी में मिट्टी आदी मिल जाती है, जिससे पानी दूषित हो जाता है। इसी से ही निजात पाने केे लिए अब विभाग ने अगले एक वर्ष के दौरान ही विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सभी कनेक्शन मंजूर किए जाने और अगले दो वर्षों में सभी घरों में पानी के मीटर लगाए जाने के लिए कमर कस ली है और इस योजना पर कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
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एक अप्रैल से दोगुना हुए दाम
इसी वर्ष एक अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पानी पीना महंगा हो गया है। पहले जहां फ्री में कनेक्शन दिया जा रहा था तो एक अप्रैल 2015 से कनेक्शन फीस 500 रुपये निर्धारित कर दी गई। इसके साथ ही जनरल वर्ग के लिए हर माह 20 रुपये तो एससी वर्ग के लिए 10 रुपये चार्ज वसूल किया जाता रहा जो इसी वर्ष एक अप्रैल से बढ़ाकर दो गुना क्रमश: 40 व 20 रुपये कर दिया गया है।

हुड्डा ने बढ़ाए पानी के रेट, सीएम तक पहुंचा मामला
हुड्डा विभाग ने अपने अधीन आने वाले क्षेत्रों में पानी के रेट हाल ही में पांच गुना तक बढ़ा दिए हैं। इसके चलते अब 200 रुपये तक चुकाने वाले लोगों को अब एक हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। इस निर्णय का न केवल विरोध होने लगा है बल्कि सेक्टर-13 वेलफेयर एसोसिएशन ने यह मामला सीएम तक भी पहुंचा इसका विरोध किया है। इसके लिए सीएम विंडो पर शिकायत दी गई है। इसमें ये बढ़ाए रेट वापस लिए जाने की मांग की है। उधर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह हुड्डा का मामला है और यह रेट जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं बढ़ाए गए।

हर रोज खप रहा 20 करोड़ 16 लाख लीटर पानी
विभाग के अनुसार जिले भर में पानी की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। वर्तमान में ही हर रोज करीब 20 करोड़ 16 लाख लीटर पानी की खपत हो रही है। अधिक खपत ग्रामीण क्षेत्रों में ही मानी जा रही है।

धर्मनगरी में 80 तो जिले भर में 800 ट्यूबवेल
धर्मनगरी में जनस्वास्थ्य विभाग के 80 ट्यूबवेल हैं तो वहीं जिले भर में करीब 800 ट्यूबवेल लगे हुए हैं। इनमें करीब 150 शहरी क्षेत्र तो बाकी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित है। एक ट्यूबवेल हर एक मिनट में करीब 600 लीटर पानी उगल रहा है और सभी ट्यूबवेल हर रोज करीब सात घंटे चलाए जा रहे हैं।

शहरी क्षेत्र में ये तय किए हुए हैै पानी के रेट
शहरी क्षेत्र में जिन घरों पर मीटर लगा हुआ है वहां एक रुपया प्रति किलोलीटर घरेलू प्रयोग के लिए तो वहीं 4 रुपये प्रति किलोलीटर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए निर्धारित किया हुआ है। बिना मीटर लगे कनेक्शन पर हर माह घरेलू प्रयोग में 48 रुपये तो व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर 60 रुपये मासिक चार्ज वसूल किया जा रहा है। यहां तक कि सीवरेज कनेक्शन पर भी हर माह 60 रुपये वसूले जा रहे हैं।

40 फीसदी क्षेत्र में आज भी सीवरेज व्यवस्था नहीं
देश भर में स्वच्छता व खुले में शौच मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में आज तक भी करीब 40 फीसदी क्षेत्र में बसे लोग सीवरेज व्यवस्था से महरूम है। हालांकि विभाग अगले एक वर्ष में इस क्षेत्र को कवर करने का दावा कर रहा है, लेकिन इतने क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था न होने से सरकार के उक्त अभियान को धक्का अवश्य ही लग रहा है।
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अब सभी अप्रूव कॉलोनियों में मिलेगा पानी तो गांवों में हर घर मे लगेगा मीटर: खंडूजा
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन अशोक खंडूजा का कहना है कि विभाग पीने के पानी से लेकर सीवरेज व्यवस्था को हर क्षेत्र तक पहुंचाने व सुदृढ़ करने के पुरजोर प्रयास कर रहा है। अगले एक वर्ष में शहरी क्षेत्रों की सभी अप्रूव कॉलोनी में पानी कनेक्शन दे दिए जाएंगे तो वहीं दो वर्ष के दौरान ही ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों में पानी को लेकर मीटर लगा दिए जाएंगे। 5 अगले दो वर्षों तक पूरे जिले भर में सीवरेज पाइप लाइन का जाल भी बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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