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आठवीं कक्षा में छात्रा को आत्महत्या के लिये विवश करने वाला दोषी करार

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छात्रा को आत्महत्या के लिए विवश करने वाला दोषी करार
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-पांच साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना
-नाबालिग लड़की को घर पर आकर देता था धमकी
-कुरुक्षेत्र कल्याण नगर में जून 2013 में की थी लड़की ने आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
नाबालिग लड़की को घर आकर धमकाने, उससे छेड़छाड़ करने और आत्महत्या करने लिए विवश करने वाले दोषी को अदालत ने पांच साल कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मधु खन्ना की अदालत ने दिये हैं।
डिप्टी डीए जसबीर सिंह ने बताया कि आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की (14) को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में थाना शहर थानेसर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई मृतक की मां के बयान पर की गई थी। इस मामले दोषी रवि फसवान उर्फ रवि पुत्र चंद्रपाल वासी कल्याण नगर कुरुक्षेत्र को 5 वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 6 माह की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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जसबीर सिंह ने बताया कि बिहार के जिला अरड़िया निवासी फूलमती पत्नी दिनेश कुमार कुरुक्षेत्र के कल्याण नगर में रहती है। उसने 19 जून 2013 को थाना शहर थानेसर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। गली में रहने वाला एक लड़का रवि फसवान उर्फ रवि पुत्र चंद्रपाल वासी कल्याण नगर कुरुक्षेत्र उसकी लड़की को तंग करता था और उसके साथ छेड़छाड़ करता था। 18 जून 2013 को रवि शिकायतकर्ता के घर पर आकर लड़की को धमकाने लगा कि तेरी माता तो दिन के समय दिहाड़ी करने चली जाती है और मैं इस दौरान तुझे यूपी ले जाऊंगा।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रवि की इन हरकत और धमकियों से तंग आकर शर्म के मारे उनकी बेटी ने जहर खा लिया। इसके बाद में अस्पताल में भर्ती करवाया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने मृतका की मां के बयान पर थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज किया था। इस संबंध में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मधु खन्ना की अदालत ने फैसला सुनाया।
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