अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ का पिछले चार दिनों से चल रहा क्रमिक अनशन सत्याग्रह शुक्रवार को समाप्त हो गया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने जिला मौलिक अधिकारी के माध्यम से प्रदेश के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा के नाम ज्ञापन भेजा। क्रमिक अनशन पर बैठे अध्यापकों हरकेश, रणधीर, मुकेश और मनीष को दूसरे अध्यापक नेताओं ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। इस मौके पर जिला प्रधान सतबीर नरवाल ने बताया कि 13 मई को महेंद्रगढ़ में प्रदर्शन के बाद 16 मई को शिक्षा मंत्री के साथ हुई बातचीत में अनेक मांगों पर सहमति बनी थी, परंतु मंत्री और विभाग के लचर रवैये के कारण कोई परिणाम नहीं मिल पाया है। सत्याग्रह व अनशन के दबाव में विभाग ने संघ को फिर से बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। इस मौके पर सुदर्शन, रामनिवास, राजबीर, जगदीप, रामेश्वर, ईश्वर आर्य, सरवन, सतबीर, मूलचंद, ओमप्रकाश, नरेश, सुरेश, सुरेंद्र, महाबीर दहिया, भजन सिंह, प्रधानाचार्य आफिसर्स एसोसिएसन के मुकेश, जितेंद्र, देशवाल रोड़वेज, हुस्नपाल, बलजीत आदि मौजूद रहे।
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ये हैं अध्यापकों की मुख्य मांगें
अध्यापक नेताओं ने मांग करते हुए कहा कि किसी भी माध्यम से गैर सरकारी संस्थाओं का प्रवेश विभाग में न हो, अध्यापकों की नियमित भर्तियां व पदोन्नतियां की जाए, जेबीटी व पीटीआई के मामलों को सरकार नीति बनाकर हल किया जाए, विद्यालयों में नियमित सफाई स्टाफ हो, स्कूलों में चौकीदार लगाए जाए, बच्चों और अध्यापकों को देय लाभ समय पर दिए जाए, बैकलॉग की भर्ती की जाए, जेबीटी काउंसिलिंग में रोस्टर प्रणाली लागू की जाए, व्यवहारिक रेशनलाइजेशन किया जाए, कार्यालयों में सिटीजन चार्टर लागू किया जाए, विभाग को नॉनवोकेंशनल किया जाए, गैर शैक्षणिक कार्य अध्यापकों से न लिए जाए, जेबीटी सहित सभी कोर्सोें की बढ़ी फीस वापस ली जाए।