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जीएमआईटी कॉलेज के विद्यार्थी केयू प्रशासन से लगा रहे गुहार, दांव पर लगने दिया जाए भविष्य

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जीएमआईटी कॉलेज न बंद करने को विद्यार्थियों ने केयू प्रशासन से लगाई गुहार
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- डीन ऑफ कॉलेज बोले, नियमों को दरकिनार कर किया जा रहा कॉलेज बंद
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कनिपला स्थित जीएमआईटी कॉलेज को बंद किए जाने की घोषणा के बाद विद्यार्थियों में खलबली मची हुई है, जिसके चलते वे वीरवार को भी केयू प्रशासन के पास गुहार लगाने पहुंचे कि उनका भविष्य दांव पर न लगने दिया जाए। लगातार दूसरे दिन भी दर्जनों विद्यार्थियों ने डीएन ऑफ कालेजिज डॉ आर के शर्मा से मुलाकात की, जहां उन्होंने अपने भविष्य के समक्ष छाए अंधेरे से अवगत कराते हुए कॉलेज प्रबंधन को उचित दिशा- निर्देश दिए जाने की मांग की। बाद में छात्रों ने बताया कि डीएन ऑफ कॉलेज ने उन्हें खुलासा किया कि कॉलेज प्रबंधन ने नियमों के विपरित कॉलेज बंद करने की घोषणा की है। अभी यूनिवर्सिटी के अलावा एआईसीटीई व प्रदेश के तकनीकी निदेशालय से भी अनुमति लेनी होती है और अभी तक यह नहीं ली गई। उन्होंने बताया कि केयू प्रशासन की ओर से तकनीकी निदेशालय व एआईसीटीई को भी पत्र भेजकर इस संबंध में न केवल सूचित कर दिया गया है बल्कि विद्यार्थियों के हित में उचित कदम उठाने की भी मांग की गई है। उन्होंने 8 अगस्त को ही उक्त दोनों संस्थानों को भेजे पत्र की पत्र थमाते हुए स्पष्ट किया है कि कॉलेज बंद होने से विद्यार्थियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। उन्होने स्पष्ट किया है कि कोई भी संस्थान प्रबंधन अपने स्तर पर संस्थान को इस तरह से बंद नहीं कर सकता जबकि इसके लिए पूरी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। बता दें कि जिला के प्रमुख संस्थानों में शामिल रहे गीता इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी को बंद करने का प्रबंधन ने फैंसला लिया है और विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में दाखिला लेने के लिए पिछले सप्ताह से ही कहा जा रहा है। डीन ऑफ कॉलेजिज को मिलने पहुंचे विद्यार्थियों ने बताया कि वीरवार को भी अनेकों विद्यार्थियों को माइग्रेशन पत्र दिए जाने का का प्रयास किया जाता रहा। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन के इस कदम से उनकी पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ेगा जबकि उन्होंने लाखों रूपये फीस के तौर पर जमा कराए हुए है।
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