अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मिड डे मील तैयार करने वाले वर्करों का इस्कान के प्रबंधों से हुआ विवाद बच्चों के निवाले पर भारी पड़ गया। इस विवाद की वजह से थानेसर, पिहोवा और लाडवा के करीब 300 से अधिक स्कूलों में भोजन की सप्लाई नहीं हो सकी। हालांकि करीब 200 स्कूलों में ही मिड डे मील भेजा गया। इधर शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक यह मामला पहुंचने के बाद इस्कान संस्था के मैनेजर, सुपरवाइजरों और वर्करो में समझौते के प्रयास तेज किए गए, जिसमें देर शाम को सफलता मिली। इसकी पुष्टि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह ने की है।
उन्होंने बताया कि वर्करों के साथ हुई कहासुनी का असर मिड डे मील की सप्लाई पर अगले दिन ना पड़े, इसके लिए भी चेताया गया है। वहीं इस्कान संस्था द्वारा सप्लाई किए जा रहे मिड डे मील प्रोजेक्ट के कुरुक्षेत्र प्रभारी नारायण दास ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा सप्लाई किए गए भोजन में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही थी। इसके बारे में वर्करों को चेताया गया था, लेकिन यह मामला तूल पकड़ गया। उन्होंने बताया कि इसी वजह से मिड डे मील की सप्लाई पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा यह कार्य सेवा के रूप किया जा रहा है। इधर पिहोवा और लाडवा में मिड डे मील की सप्लाई न होने के कारण नौनिहालों इंतजार करते रह गए। नौनिहालों को भूखे पेट ही पढ़ाई करनी पड़ी, क्योंकि मिड डे मील स्कूल में मिलने के कारण वे घर खाना लेकर नहीं आये थे। खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार तुषार ने बताया कि आज कर्मचारियों की हड़ताल होने की वजह से मिड-डे मिल स्कूलों को नहीं पहुंच सका। खंड पिहोवा में करीब 180 स्कूलों में मिड डे मिल आता है। कुछ स्कूलों में शायद मिड डे मिल पहुंचा भी हो। लेकिन अभी स्थिति कुछ साफ नहीं है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।