रैगिंग को लेकर सख्त हुआ केयू प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन नए सत्र के शुरू होते ही रैगिंग को लेकर सख्त हो गया है। कुलपति डॉ. कैलाश चंद्रशर्मा के निर्देशानुसार छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग की ओर से सभी कैंटीन संचालकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सोमवार को विश्वविद्यालय के आरके सदन में कैंटीन संचालकों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग ने कैंटीन, दुकान, बूथ, रेहड़ी लगाने वाले सभी दुकानदारों व कैंटीन संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी दुकान के बाहर विशेष निगरानी रखें, किसी भी तरह की सूचना मिलते ही प्रशासन को तुरंत सूचित करें।
सभी कैंटीन संचालकों को विश्वविद्यालय के 7 अधिकारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं ताकि किसी भी तरह की सूचना मिलते ही इस बारे में प्रशासन को सूचित किया जा सके। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पवन शर्मा ने बैठक में कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों की तरह कैंपस में दुकान, कैंटीन चलाने वाले लोग भी विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। रैगिंग एक अपराध है यह प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेवारी है कि हम रैगिंग को लेकर सतर्क हों व किसी भी तरह की सूचना मिलने पर प्रशासन को तुरंत सूचित करें। उन्होंने कहा कि अगले 3 महीने तक विश्वविद्यालय मार्केट में विशेष निगरानी रखें ताकि किसी अनहोनी घटना को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग जल्द ही विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को रैगिंग के बारे में जागरूक करने के लिए डिस्प्ले बोर्ड व होर्डिंग लगाएगा ताकि विद्यार्थियों को इसके बारे में कोई भ्रांति न रहे।
रैगिंग को रोकने के लिए विभागों में विशेष कमेटियां गठित
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में दाखिला प्रक्रिया के पूरा होते ही रैगिंग को रोकने के लिए विशेष कमेटियां बनाई गई हैं। विभाग के सभी शिक्षकों को यह जिम्मेवारी दी गई है कि वे विभाग में विशेष निगरानी रखें ताकि अप्रिय घटना के होने से पहले ही उसे रोका जा सके।
इन अधिकारियों को कर सकते हैं शिकायत
विद्यार्थी रैगिंग को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता, प्रॉक्टर, चीफ वार्डन पुरुष व महिला, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, डिप्टी प्राक्टर, सुरक्षा सुपरवाइजर, सभी वार्डन सहित अपने विभाग में विभागाध्यक्ष व शिक्षकों को भी इस बारे में शिकायत कर सकते हैं।
रैगिंग को रोकने के लिए शिक्षक करेंगे विद्यार्थियों से चर्चा
विभागों में रैगिंग को लेकर सतर्कता बरतने के लिए विभागों के शिक्षक 20-20 के समूह में नए विद्यार्थियों के साथ लगातार संवाद करेंगे ताकि किसी भी तरह की शिकायत शिक्षकों को समय से पहले पता चल सके।
हॉस्टलों के लिए बनाए विशेष रैगिंग स्कवायड
हॉस्टलों में रैगिंग रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एंटी रैगिंग स्क्वायड बनाए हैं। यह स्क्वायड निरंतर हॉस्टलों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट एंटी रैगिंग कमेटी को सौपेंगे।