राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र।
सरकार की सहायता से हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री को रफ्तार मिल सकती है। यह कहना है बालीवुड और पंजाबी फिल्मों के नायक जिम्मी शेरगिल का। वे इन दिनों एक हरियाणवी किरदार पर बन रही फिल्म में नायक की भूमिका निभा रहे हैं। जिम्मी शेरगिल के मुताबिक फिल्म की पृष्ठभूमि हरियाणवी है, लेकिन इसे हिंदी भाषा में बनाया जा रहा है, जिसमें उनके पिता का किरदार अभिनेता यशपाल शर्मा निभा रहे हैं, जबकि फिल्म की नायिका युविका चौधरी है।
जिम्मी शेरगिल के मुताबिक एसपी चौहान द कामनमैन एक पीरियड फिल्म है, जिसमें उनका लुक 90 के दशक यूथ का होगा। फिल्म में छह गाने हैं, जिनमें एक गीत फिल्म दंगल की तरह हरियाणवी होगा। जिम्मी शेरगिल इस बात से इत्तफाक रखते हैं कि बालीवुड फिल्म इंडस्ट्री का फोकस पिछले कुछ समय से हरियाणा की ओर हुआ है, खाप, तनु वेड्स मनु, मटरू की बिजली का मनडोला, मनु टू, सुलतान और दंगल जैसी सफल फिल्में हरियाणवी पृष्ठभूमि पर बनी है। जिम्मी शेरगिल का कहना है कि अगर यह सभी फिल्में बड़े बजट की थी, लेकिन हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार को सोचना होगा। अगर हरियाणवी फिल्मों के निर्माण के लिए आर्थिक मदद मिले तो वह दिन दूर नहीं जब मराठी और पंजाबी फिल्म सिनेमा की तरह हरियाणवी फिल्मों को भी रफ्तार मिलेगी।
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करीब 44 साल बाद हर्षवर्धन में ऐसी भीड़
1974 में रिलीज हुई हरियाणा की पहली रंगीन फिल्म चौधरी हरफूल सिंह की शूटिंग के बाद कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक हर्षवर्धन पार्क में यह दूसरा मौका है जब फिल्म की शूटिंग के दौरान इतनी भीड़ यहां जमा हुई। दरअसल शुक्रवार को एसपी चौहान द कामनमैन फिल्म की शूटिंग के दौरान यहां बालीवुड और पंजाबी फिल्मों के चर्चित अभिनेता जिम्मी शेरगिल, यशपाल शर्मा और अभिनेत्री युविका चौधरी सहित अन्य कलाकार पहुंचे थे। पिछले पांच दिनों से कुरुक्षेत्र की अलग-अलग लोकेशन पर उक्त फिल्म की शूटिंग जारी है।
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बैंक के चीफ मैनेजर बोले 1973 में दोस्तों के साथ....
शूटिंग देखने आए अनेक चेहरों में पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर केके गोयल भी शामिल थे। अपने मित्र एसपी चौहान के बुलावे पर परिवार के साथ पहुंचे गोयल ने बताया कि अपने छात्र जीवन के दौरान 1973 में वह अपने दोस्तों के साथ पहली हरियाणवी रंगीन फिल्म चौधरी हरफूल सिंह की शूटिंग देखने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उस समय भारी संख्या में लोगों का हुजूम यहां शूटिंग देखने के लिए पहुंचा हुआ था। उस दौर में आज की तरह बाउंसर और पुलिस तो नहीं थी,लेकिन यहां पहुंची लोगों की भीड़ ने आकर्षण और उत्साह के बीच पूरे धैर्य से फिल्म की शूटिंग का आनंद लिया था। वहीं आज माहौल व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस और बाउंसरों की आवश्यकता महसूस होती है।