कुरुक्षेत्र। नए बस अड्डा पर खड़ी रोडवेज की बसें। संवाद
कुरुक्षेत्र। लाडवा में राज्यस्तरीय महर्षि कश्यप जयंती समारोह में जिले से 78 बसें लगाए जाने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 150 के करीब ग्रामीण रूट प्रभावित हुए। डिपो प्रबंधन ने बाकी बची बसों से व्यवस्था बनाने के प्रयास किए।
जिले में करीब 124 रोडवेज बसें अपने रूटों पर फेरे लगाती हैं। ऐसे में 78 बसों को उक्त समारोह में भेजने से नियमित रूटों के यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इन बसों के जरिए हजारों कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए। हालांकि शुक्रवार को कॉलेज आने वाले छात्रों व कामकाजी लोगों को शिक्षण संस्थानों और शहर तक पहुंचाने के लिए सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में इन बसों ने एक-एक फेरा लगा दिया, जिससे छात्रों को कॉलेज पहुंचने में तो दिक्कत नहीं हुई परंतु दोपहर में वापस गांव जाने के लिए छात्रों को बसों का इंतजार करना पड़ा।
कई क्षेत्रों में सवारियां बनने पर अधिकारियों ने उन रूट पर अतिरिक्त बसों का संचालन कर कुछ राहत दी। वहीं शाम तक समारोह से बसों के वापस आने पर ग्रामीण क्षेत्रों की सवारियों को उनके गंतव्य तक छोड़ा गया। इस दौरान नए व पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों की काफी भीड़ देखने को मिली।
शाम तक लौटी बसें
- जिले से बसें सुबह नौ बजे रवाना होनी शुरू हो गई थी। वहीं रैली से मुख्यमंत्री के जाने के बाद बसें लाडवा से अपने रूट के लिए रवाना हुईं। जो शाम पांच बजे तक बस स्टैंड पर पहुंची, जिसके बाद बसें अपने रूट की ओर भी चली। हालांकि शाम को बसें के आने के बाद कुछ ज्यादा फायदा लोगों को नहीं मिला।
78 बसों को रैली स्थल पर भेजने के कारण बसों के कुछ फेरे जरूर कम हुए, लेकिन किसी रूट पर बसों को बंद नहीं किया गया। जिस रूट की सवारियां थीं उस रूट पर बसें रवाना की गईं। विभाग के पास किसी भी यात्री की कोई शिकायत नहीं पहुंची।
- ईश्वर सिंह, रोडवेज ट्रैफिक इंजार्च।