जन सेवा सर्वेक्षण का कार्य 15 जून से 15 अगस्त तक: सुमेधा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि सरकार के विशेष मिशन के तहत अब हरियाणा के प्रत्येक नागरिक का स्टेट रेजीडेंट डाटा बेस एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। इस अभियान में भाग लेने वाले सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को 10 जून से पहले-पहले प्रशिक्षित किया जाएगा। जन सेवा सर्वेक्षण के डाटा एकत्रित करने में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह अभियान 15 जून से शुरु होगा और 15 अगस्त तक चलेगा।
उपायुक्त मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में स्थित उपायुक्त कार्यालय में जन सेवा सर्वेक्षण से जुडे अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रही थी। उन्होंने इस बैठक में सर्वेक्षण से जुड़े अधिकारियों से 15 जून से शुरु होने वाले सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन सेवा सर्वेक्षण पूरे जिले में हर हाल में 15 जून से ही आरंभ होगा, इसके लिए जरुरत के अनुसार गणकों की डयूटी लगाई जाए और जन सेवा सर्वेक्षण से जूड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 10 जून से पहले-पहले प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने सर्वेक्षण की सफलता के लिए सभी अधिकारियों को व्यापक प्रचार करवाने के निर्देश दिए ताकि लोगों को इस सर्वेक्षण के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों, स्कूली बच्चों व धार्मिक सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पंचायती राज के प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। इस सर्वेक्षण के लिए जिला स्तर पर लघु सचिवालय मे कंट्रोल रूम बनाया गया है। जन सेवा सर्वेक्षण के लिए जिला सांख्यिकी अधिकारी लक्की अरोडा को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि संबधित उपमंडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के प्रभारी होंगे। इस अभियान में संबधित तहसीलादारों का अहम योगदान रहेगा।
उपायुक्त ने बताया कि इस समय ग्रामीण क्षेत्र में इस सर्वे के लिए थानेसर में 491, शाहबाद में 248, पिहोवा में 306, ईस्माईलाबाद में 124, लाडवा में 156 व बाबैन में 238 गणनाकार लगाए गए है। जो घर-घर जाकर इस सामाजिक आर्थिक डाटा को एकत्रित करेंगे। वह घरों की जीपीएस लोकेशन को फीड करके ऑनलाइन स्मार्ट हाउस आइडी तैयार करेंगे और प्रत्येक घर को बायोमैटिक्स से भी जोडऩे का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सर्वे के दौरान प्रत्येक घर का पता, फोटो, लोकेशन, घर के मालिक का ब्यौरा, घरों में बिजली, पानी, इलेक्ट्रोनिक यंत्रों का ब्यौरा, बैंक अकाउंट नम्बर, आईएफसीआई कोड नम्बर, आधार आदि ब्यौरे के साथ-साथ व्यक्तिगत रुप से भी मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, शैक्षणिक योग्यता, धर्म-जाति सहित तमाम प्रकार का डाटा एकत्रित किया जाना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इस डाटा से जमीनों का ब्यौरा, पेंशन, स्कालरशिप, मनरेगा, लोन, एलपीजी, हाउस आदि का ब्यौरा जाना जा सकेगा। इस मौके पर एसडीएम शाहबाद सतबीर कुडूं, डीआरओ डा. चांदी राम चौधरी डीआईओ विनोद सिंगला, जिला साख्यिंकी अधिकारी लक्की अरोड़ा, तहसीलदार ईश्वर सिंह सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
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सर्वे में लगे अधिकारी व कर्मियों को नहीं मिलेगी लंबी छुट्टी
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे डाटा बेस सर्वे में लगे किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को लंबी छुट्टी न दे। लंबी छुट्टी के कारण इस अभियान को समय पर पूरा करने में परेशानी आ सकती है।
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नंबरदार, पंचायती राज प्रतिनिधियों की बैठक 8 जून को
उपायुक्त ने बताया कि लाडवा के रामकुंडी में इस क्षेत्र के सभी नंबरदारों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एक बैठक का आयोजन सुबह 10 बजे किया जाएगा। इस बैठक के लिए उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने अपने प्रतिनिधि के रुप में शाहबाद के एसडीएम सतबीर कुंडू की ड्यूटी लगाई हैं। एसडीएम 8 जून को नंबरदारों व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को 15 जून से आरम्भ होने वाले जन सेवा सर्वेक्षण के बारे में जानकारी देंगे।