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जिला से चयनित होंगे दस गांव, सभी बीडीपीओ पांच-पांच गांवों को उच्चतम रैंकिग के लिए करें तैयार: डीसी

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जिला से चयनित होंगे दस गांव, सभी बीडीपीओ पांच-पांच गांवों को उच्चतम रैंकिग के लिए करें तैयार: डीसी
- बैठक में डीसी बोले: स्कूलों, आंगनबाड़ी, पीएचसी, बाजारों और धार्मिक स्थानों पर स्वच्छता रखना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018 के तहत जिले के गांवों का सर्वेक्षण एक से 31 अगस्त तक चलेगा। इसके तहत जिले से दस गांव का चयन किया जाएगा। गांवों के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पीएचसी, बाजारों और धार्मिक स्थलों में स्वच्छता एवं सुविधा के आधार पर ऑल इंडिया रैंकिंग का पैमाना तैयार होगा। भारत सरकार की कंतार पब्लिक एजेंसी निर्धारित तिथियों के बीच जिला में सर्वे के लिए कभी भी आ सकती है। 2 अक्तूबर को परिणाम जारी किए जाएंगे। डीसी ने बीडीपीओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पांच-पांच गांव उच्चतम रैंकिंग के लिए तैयार करें।
डीसी ने अधिकारियों संग बैठक की। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के तहत मूल्यांकन के तीन पैमाने होंगे। स्वच्छता की सेवाओं पर 35 प्रतिशत, सार्वजनिक स्थलों की की ऑब्जर्वेशन के 30 प्रतिशत और पब्लिक फीडबैक के लिए 35 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। सेनिटेशन कवरेज, गांव में ओडिएफ स्टेटस और जियो टैग्ड टॉयलेट के लिए 5-5 अंक, ओडिएफ वेरिफिकेशन और टायॅलेट फंक्शनिंग के लिए 10-10 अंक निर्धारित हैं। ग्रुप डिस्कशन के माध्यम से फीडबैक लेने के लिए भी 35 प्रतिशत नंबर निर्धारित हैं। ग्रामीणों की जागरूकता, स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में सफाई, सुरक्षित डिस्पोजल, लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए दो और छह-छह अंक तथा ग्राम प्रधान, ग्राम सेविक, स्वच्छागृही, आंगनवाड़ी वर्कर और स्कूल अध्यापकों से मिली फीडबैक के 10 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। बैठक में एडीसी अनीश यादव, डीईओ नमिता कौशिक, पीओआईसीडीएस राजबाला कटारिया, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह भट्टी तथा पीओ मदन चौहान मौजूद रहे।
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प्रतियोगिताओं, प्रभात फेरियों से जागरूकता फैलाएं
डीसी ने निर्देश दिए कि अधिकारी पहले ब्लॉक और फिर ग्राम स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं के सम्मेलन बुलाकर जागरूक करें। स्कूलों में पेंटिंग इत्यादि प्रतियोगिताएं और क्षेत्र में प्रभातफेरियां भी निकाली जाएं तो स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में सफलता मिलेगी और सर्वेक्षण एजेंसी को फीडबैक भी बेहतर मिलेगी।
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