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मामले की जांच के दौरान सोनू को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा

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ट्रिपल मर्डर केस: पंचायत में लिया निर्णय, मामले की सीबीआई से जांच के लिए मिलेंगे सीएम से
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। गांव सारसा के बहुचर्चित समीर, सिमरन व समर ट्रिपल मर्डर केस में सोनू के जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद गांव का माहौल गर्माया हुआ है। वीरवार को गांव में एक पंचायत हुई, जिसमें निर्णय लिया गया है मामले की जांच के दौरान सोनू को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। इस मामले में जो भी सोनू की मदद करेगा ग्रामीण उसका भी बहिष्कार करेंगे। उन्हें पूरा शक है कि इस पूरे प्रकरण में सोनू की भी भूमिका है। जब तक उसे पूरी तरह से क्लीन चिट नहीं मिलती वह गांव से बाहर ही रहेगा। बता दें कि सोमवार को हीजीताराम ने सोनू को जमानत देकर जेल से रिहा करवाया था। इस कारण ग्रामीणों में काफी रोष है। इसी मामले में गांव में एक पंचायत हुई। गांववासियों ने बताया कि इस मामले में सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए। इसके लिए सीएम से मिलकर सीबीआई से जांच की मांग करेंगे। यदि सीएम इस मामले में कोई आनाकानी करते है तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस कार्रवाही में जो भी खर्च आएगा उसे जीताराम को देना होगा। जबकि सोनू पहले ही हत्या में शामिल होने की बात से इंकार कर चुका है और इस समय प्रदेश से बाहर है। बतां दे 19 नवंबर को गांव से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए तीनों बच्चों समीर, सिमरन व समर के शव 21 नवंबर को पंचकूला के मोरनी हिल से बरामद हुए थे। हत्या के आरोप में पुलिस ने जगदीप मलिक व सोनू को हिरासत में लिया था। अभी मामले की जांच चल ही रही थी कि 28 दिसंबर को हत्या के मुख्य आरोपी जगदीप ने जेल में आत्महत्या कर ली थी।
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संदिग्ध को किया पुलिस के हवाले
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पंचायत के दौरान एक युवक वीडियो बना रहा था। पूरे मामले की वीडियो बनते देख ग्रामीणों को उस पर शक हो गया उसे पकड़ लिया। जिसे पुलिस के हवाले कर दिया।
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जीताराम ने कहा नहीं करवाई जमानत
पंचायत के दौरान जीता राम ने कहा कि उसने सोनू की जमानत नहीं करवाई थी बल्कि रिश्तेदारों ने उसकी जमानत भर दी और उसे रिहा करवा दिया।
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