एसडीएम को अनाज मंडी के खराब मिले वाटर कूलर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/लाडवा। नोडल अधिकारी का जिम्मा मिलते ही एसडीएम प्रद्युमन सिंह वीरवार को कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी पहुंचे और गेहूं खरीद से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें बड़ी खामी नहीं मिली, लेकिन वाटर कूलर खस्ताहाल में पाए जाने पर उन्होंने तत्काल ही उसे ठीक करवाने व नया वाटर कूलर लगवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए। उन्होंने इस दौरान मंडी में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तो शौचालय भी देखे। हालांकि यहां ज्यादा बेहतर हालात नहीं मिले, लेकिन उन्होंने कहा कि यहां व्यवस्था कुछ ठीक है, तो कुछ को बेहतर बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने मार्केट कमेटी अधिकारियों से लेकर गेहूं खरीद एजेंसियों के अधिकारियों से कहा कि किसानों को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए।
उधर वीरवार को मंडी में हैफेड ने ही मात्र 335 क्विंटल गेहूं खरीदा, जबकि अन्य दोनों एजेंसियों की खरीद शून्य रही। अमर उजाला से बातचीत में एसडीएम ने कहा कि किसानों व आढ़तियों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्हें बुधवार को ही यह जिम्मा मिला है और व्यवस्था को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाडवा अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद का काम सुचारू रूप से शुरू हो गया है। सरकारी एजेंसियों ने वीरवार को 1300 क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा। खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अशोक शर्मा एवं हैफेड के प्रबंधक कुलदीप जांगड़ा ने अनाज मंडी में गेहूं की ढेरियों की गुणवत्ता की जांच की। मार्केट कमेटी के सचिव जसबीर सिंह ने बताया कि सरकारी एजेंसियों ने वीरवार तक लाडवा अनाजमंडी में 11 सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से हैफेड ने 735 क्विंटल एवं खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 315 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
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फोटो नंबर - 24
पिपली में दो एजेंसियों का बारदाना तक नहीं पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो
पिपली। नई अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होते ही पहले दिन 600 क्विंटल की बिकवाली हुई। इस दौरान तीन सरकारी एजेंसियों में से सिर्फ एक एजेंसी ने ही गेहूं खरीदने पहुंची। इसमें डीएफएससी की तरफ से इंस्पेक्टर संदीप शर्मा ने मंडी पहुंचकर गेहूं में नमी की मात्रा की जांच करने के बाद खरीद कार्य शुरू किया। मंडी एसोसिएशन के प्रधान बनारसी दास ने कहा कि यहां डीएफएससी ने सरकारी खरीद शुरू की, जबकि वेयर हाउस और हैफेड ने खरीद तो दूर बारदाना तक नहीं पहुंचाया, जिसके चलते न सिर्फ किसानों बल्कि आढ़तियों को भी गेहूं को व्यवस्थित करने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। वहीं पूर्व महासचिव धर्मपाल मथाना ने कहा कि सरकार ने तुलाई के 12 घंटे के अंदर गेहूं उठान के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन सरकारी एजेसियों द्वारा उठान न करने की स्थिति में तोलने के 24 घंटे बाद आढ़ती की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। लापरवाही बरतने पर एजेंसियों को जिम्मेदार समझा जाए। मथाना ने कहा कि खरीद के साथ ही सरकार 72 घंटे के अंदर आढ़तियों का भुगतान करना सुनिश्चित करें। इंस्पेक्टर संदीप शर्मा ने आढ़तियों को अपनी ओर से बारदाना संबंधी समस्या न आने का भरोसा दिलाया। साथ ही पेमेंट को लेकर भी समय पर भुगतान करने की बात कही। इस अवसर पर मंडी सुपरवाइजर मेवा राम, सुरेंद्र ढींगड़ा, सतीश मथाना, पवन मदान, बलदेव तथा जरनैल सिंह सहित अन्य आढ़ती एवं किसान मौजूद रहे।