‘उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार डिजाइन करें पाठ्यक्रम’
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के सीनेट हॉल में अकादमीय उद्योग इंटरफेस विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर एमबीए विभाग के परामर्शदाता प्रो. राजेंद्र कुमार देशवाल ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम डिजाइन करने पर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के निदेशक पद्मश्री डॉ. सतीश कुमार ने विद्यार्थियों के बेहतर और एकजुट विकास के लिए सभी हितधारकों के एकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्रों को प्रबंधन और उद्योगों के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से डीआरडीओ में होने वाली प्रतिक्रियाओं और प्रणालियों के बारे में अपने अमूल्य अनुभवों को साझा किया।
कार्यशाला में वक्ता प्रो. वीके गुप्ता ने स्टोकधार मूल्य प्रबंधन, ग्राहक डिलाइट और प्रतिक्रिया प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों पर अपने विचार प्रकट किए। सम्मेलन के दूसरे वक्ता अतुल लाल ने बताया कि किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए दो पहलुओं एटीट्यूड और एप्टिट्यूड पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को साहस के साथ प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करते रहने के लिए कहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ता और एचआर प्रमुख ने एचआर के साथ ही उद्योगों से जुड़े विभिनन्न पहलुओं पर चर्चा की। सम्मेलन के अंत में मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज कौशिक ने अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।