अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर भले ही कुरुक्षेत्र शहर को अधिकारिक तौर पर धर्मनगरी का दर्जा दे दिया हो, लेकिन इसे वास्तविक रूप देना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इससे जहां होटल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है वहीं सरकार के यहां पर्यटकों को बढ़ाने के प्रयासों को भी अभी से धक्का लगने की आशंका जताई जाने लगी है। हालांकि आम लोग सरकार के इस निर्णय की सराहना कर रहे है और इससे शहर की पवित्रता और बढ़ जाने की उम्मीद जता रहे है लेकिन होटल कारोबार में लगे लोगों को यह निर्णय रास नहीं आ रहा है और इसकी सूचना मिलतेे ही उनमें हलचल सी मच गई है। उनकी मानें तो सरकार के इस कदम से न केवल उन्हें भारी मंदे का सामना करना पड़ेगा बल्कि होटल इंडस्ट्री पलायन करने को भी मजबूर हो जाएगी। एक ओर सरकार कुरुक्षेत्र को टूरिज्म का हब बनाने के दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर पर्यटकों की सुविधाओं पर कैंची चलाई जा रही है। इससे पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आएगी, जिससे होटल व्यवसाय भी ठप हो जाएगा।
-------------------------
अब शहर में नहीं बिक पाएगी शराब व मीट
शहर को धर्मनगरी घोषित करने के बाद अब कुरुक्षेत्र में शराब व मीट व मीट के प्रयोग से बनने वाले प्रोडेक्ट पर पूरी तरह से बिक्री होगी। कुरुक्षेत्र नगर परिषद की सीमा में यह पाबंदी अब प्रशासन सख्ती से लागू कर पाएगा और ऐसे में सीधा असर होटल व मीट कारोबार से जुड़े लोगों पर ही अधिक पड़ेगा।
---------------------------
पहले नगर परिषद हुई सख्त तो करना पड़ा अदालती कार्रवाई का सामना
हालांकि अब से पहले भी कुरुक्षेत्र को धर्मनगरी ही माना जाता रहा और नगर परिषद व जिला प्रशासन इस क्षेत्र में शराब व मीट आदि की बिक्री के विरोध में रहा। कई बार सख्ती भी की गई, लेकिन इस कारोबार में जुड़े लोगों ने हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया और प्रशासन के इस निर्णय को चुनौती दी, जहां प्रशासन भी सरकार की ओर से कोई नोटिफिकेशन न होने के चलते कमजोर दिखाई दिया। यही कारण है कि अभी तक पूरी तरह से सख्ती से शराब व मीट आदि पर पाबंदी नहीं लग पाई थी।
---------------------
तीर्थ स्थलों के आसपास ही हो शराब व मीट पर पाबंदी
होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो पूरे शहर में शराब व मीट आदि पर पाबंदी लगाया जाना उचित नहीं होगा। यह पाबंदी तीर्थ स्थलों के आस-पास के दायरे में ही होनी चाहिए।
-----------------------------
शहर में है करीब 50 होटल
शहर में करीब 50 होटल है, जिनमें 20 उच्च श्रेेणी में माने जा रहे हैं। इनसे जुड़े लोगों का कहना है कि यह सब शहर में आने वाले पर्यटकों पर ही टिके है, लेकिन अब इस कारोबार को बड़ा मंदा झेलना पड़ सकता है। यही कारण है कि होटल एसोसिएशन जल्द ही सरकार के इस निर्णय पर बैठक कर अपना निर्णय लेने पर विचार करने को मजबूर हो गई है।
---------------------
... तो तबाह हो जाएगी होटल इंडस्ट्री : गुलाटी
- होटल पर्ल मार्क के संचालक अमित गुलाटी का कहना है कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन के बाद प्रशासन शराब, मीट व मीट से बने प्रोडेक्ट पर शहर में कड़ाई से पाबंदी लगा सकता है, लेकिन इससे होटल इंडस्ट्री तबाह हो जाएगी। इससे पर्यटकों की संख्या में ही भारी गिरावट हो जाएगी तो होटल कारोबारियों को इसका सीधा नुकसान होगा। विभिन्न राज्यों व विदेशों से आने वाले अधिकतर पर्यटक शराब, मीट आदि को ही प्राथमिकता देते है और जब उन्हें ये सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो वे तीर्थ स्थलों के महज दर्शन करते ही लौट जाएंगे।
--------------------------
तीर्थ स्थलों के आसपास ही लगानी चाहिए पाबंदी: मदान
होटल 9 प्लेनेट के संचालक अनुराग मदान का कहना है कि कुरुक्षेत्र को होली सिटी का दर्जा देना अच्छी बात है, लेकिन शराब, मीट आदि पर पाबंदी तीर्थ स्थलों के आस-पास के निर्धारित दायरे में ही लगाई जानी चाहिए। पूरे शहर में यह पाबंदी होने से पर्यटन व होटल कारटोबार पर विपरित असर पड़ेगा।
--------------------------
पहले ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के क्षेत्र में थी पाबंदी : जयनारायण
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्वार सभा के पूर्व अध्यक्ष जयनारायण शर्मा का कहना है कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर कुरुक्षेत्र शहर को धर्मनगरी का दर्जा दिया है, लेकिन इसे कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि शहर में पहले भी पवित्रता को देखते हुए मांस व मदिरा आदि पर पाबंदी थी, जो अंग्रेजों के समय से ही चली आ रही है। पहले यह पाबंदी ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के आस-पास में ही थी और यही पुराना शहर था, लेकिन अब शहर का दायरा बढ़ा है, जिसके चलते सरकार ने पूरे शहर को इसमें शामिल किया है। सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। इससे शहर की पवित्रता और भी बढ़ेगी।
-----------------------------------------------
सख्ती से हो लागू, बढ़ेगी शहर की पवित्रता : गर्ग
समाजसेवी एवं शहरवासी रघुवीर गर्ग का कहना है कि कुरुक्षेत्र को कानूनी रूप से धर्मनगरी घोषित करना बेहद सराहनीय निर्णय है। इससे शहर की पवित्रता और भी बढ़ जाएगी,लेकिन इस कानून को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
-----------------------
सख्ती से करवाई जाएगी कानून की पालना : एसडीएम
एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक का कहना है कि सरकार ने अभी नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसकी प्रति जिला उपायुक्त के पास पहुंच चुकी है। इसेे जल्द ही मूल रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए जिला उपायुक्त सभी अधिकारियों की बैठक लेंगी, जिसके उपरांत होटल व पर्यटन आदि से जुड़े लोगों के साथ भी बैठक की जाएगी। अब शहर में शराब, मीट आदि पर कड़ी पाबंदी होगी और उलं्घना करने पर कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पर्यटन पर विपरीत असर नहीं पड़ेगा बल्कि पर्यटन व कुरुक्षेत्र की पवित्रता एवं महत्ता बढ़ेगी।