कुरुक्षेत्र। जिला क्षय एवं कुष्ठ रोग केंद्र।
कुरुक्षेत्र। जिले के 136 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकीं हैं जबकि 415 ग्राम पंचायतें हैं। ऐसे में इस साल के अंत तक जिले को क्षय रोग मुक्त कर प्रदेश में मॉडल के रूप में उभारने में 279 ग्राम पंचायत अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।
टीबी मुक्त हो चुके गांवों में जहां विभागीय टीम की ओर से टीबी जांच के नमूने लिए गए, जो जांच में विफल पाए गए। अब इन पंचायतों को आठ अप्रैल को लघु सचिवालय में जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। जिले में वर्तमान में लगभग 1500 लोग क्षय रोग से ग्रस्त हैं।
इस वर्ष 31 मार्च तक विभाग की टीम ने जिले में 627 टीबी ग्रस्त मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया है, जिनमें 27 बच्चों सहित 339 पुरुष व 285 महिलाएं हैं। वहीं पिछले वर्ष 2498 टीबी ग्रस्त मरीजों की पहचान हुई थी, जिनमें 85 बच्चों सहित एक हजार 454 पुरुष व एक हजार 44 महिलाएं थी।
पिछले वर्ष से लेकर अब तक उपचार के बाद एक हजार 625 रोगियों ने टीबी को हरा दिया है। जिले को टीबी मुक्त करने के लिए किए गए प्रयास के लिए पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में नागरिक अस्पताल की प्रशंसा कर चुके हैं। जिले को प्रदेश के सामने मॉडल के रूप में उभारकर साल के अंत तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने के निर्देश मुख्यमंत्री स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दे चुके हैं। इसके तहत विभाग निक्षय मित्र बना व संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर नमूने एकत्रित करने की प्रक्रिया को भी तेज कर चुका है और अभियान चलाकर एक-एक पंचायत में जाकर विभागीय टीमें टीबी ग्रस्त लोगों की पहचान कर रही हैं। टीमें अपने साथ पोर्टेबल एक्सरे मशीनें लेकर जाती है और उनका एक्सरे कर उनकी पहचान कर रही हैं। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिला क्षय एवं कुष्ठ रोग केंद्र।