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सरस्वती तीर्थ की जमीन पर हो रहा अवैध कब्जा, जानकारी के बावजूद प्रशासन ने बंद की आंखें

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सरस्वती तीर्थ की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे
अतिक्रमण में दो पार्षदों के भूमिका की सूचना पर नहीं हो रही कोई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा(कुरुक्षेत्र)। मुक्ति धाम के नाम से प्रसिद्ध सरस्वती तीर्थ स्थल की जमीन पर अतिक्रमण का खेल चल रहा है। जबकि खुले आम हो रहे अतिक्रमण के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी अनजान बने हैं। मामला सरस्वती तीर्थ के पास खाली पड़ी जमीन का है।
जानकारी के अनुसार पिहोवा सरस्वती तीर्थ के साथ ही खाली जमीन पड़ी हुई है। इस जमीन पर पिछले साल ही पालिका द्वारा ब्लॉकिंग टाइल्स लगाकर पक्का किया था ताकि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव और चैत्र चौदस मेले पर श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, लेकिन अब कुछ लोगों द्वारा ब्लॉकिंग टाइल्स को उखाड़कर पर वहां पर कब्जा किया जा रहा है। कब्जाधारी अवैध कब्जा कर यहां पर कमरे का निर्माण करा रहे हैं, जिसके लिए नींव भी खोदी जा रही है। इस अवैध कब्जे में दो नगर पार्षदों की मिलीभगत बताई जा रही है। जो अपने पद का इस्तेमाल कर कब्जा कर रहे है। हैरानी की बात यह है कि मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन बिल्कुल अनजान बना हुआ है और जांच की दुहाई देकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। मामले को लेकर पालिका सचिव निशा शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। यहां बता दें कि मामले को लेकर पालिका सचिव को शनविार को अवगत करवा दिया गया था, लेकिन पालिका की ओर से कोई कारवाई नहीं की गई।
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कब्जाधारी लोगों द्वारा बड़े ही शातिर तरीके से कब्जा किया जा रहा है। कब्जाधारी लोगों द्वारा कब्जे के लिए शनिवार को कब्जा करना शुरु किया गया था और रविवार को भी निरंतर काम चलता रहा। कब्जाधारी लोगों ने तीन छुट्टी का फायदा उठाकर तेजी से निर्माण कार्य करा रहे हैं। घटना स्थल पर काम कर रहे मजदूरों से जब जमीन पर अवैध कब्जे के लिए पूछा गया तो उन्होंने बताया चैत्र चौदस मेले के लिए सरकार की तरफ से कमरे का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए ठेकेदार को टैंडर दिया गया है और वे लोग ठेकेदार के लिए ही काम कर रहे है। इस बारे में जब ठेकेदार से बात करने के लिए कॉल की गई तो कई बार के प्रयास के बावजूद रिसीव नहीं किया। पालिका के अधिकारी इस पूर मसले से अंजान हैं।
मामले को भटकाने के लिए कब्जाधारी लोग अलग-अलग विभाग का नाम लेकर सरकारी निर्माण का दिखावा कर कब्जा कर रहे है। इस मामले में सिंचाई विभाग द्वारा सरकारी कमरे के निर्माण की बात कही जा रही है। मामले को सिंचाई विभाग के एसडीओ गौरव कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की तरफ से सरस्वती तीर्थ पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है। उधर, मामले को निगरानी कमेटी के हलका संयोजक युद्धिष्ठिर बहल ने बताया कि सरकार की ओर से तीर्थ पर किसी प्रकार का कोई निर्माण नहीं कराया जा रहा। यदि कोई यहां कब्जा करने के प्रयास में है तो यह सरासर गलत है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
इससे पहले भी सरस्वती तीर्थ के पास कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया गया था तथा एक कमरे का निर्माण कराया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद पालिका ने रातोंरात इस अवैध कमरे को ढहाया था। उस समय भी कब्जाधारी लोगों ने छुट्टी के दिनों कब्जा कर अवैध निर्माण किया था। इसे तत्कालीन सचिव सुशील कुमार द्वारा रात के समय तोड़ा गया था।
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मामले को लेकर एसडीएम निर्मल नागर ने कहा कि वे किसी मीटिंग में व्यस्त हैं। इसलिए ज्यादा बातचीत नहीं कर सकते, लेकिन इस मामले की शिकायत दी जाएगी, तभी उसपर कार्रवाई की जाएगी। बतां दे प्रशानिक अधिकारी सरकारी जमीन पर कब्जा रुकवाने के लिए शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। पालिका सचिव निशा शर्मा को मामले से शनिवार को अवगत करा दिया जाएगा। मामले की जानकारी जुटा कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन रविवार को अवैध कब्जे का निरंतर चलता रहा।
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