अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बारिश और ओलावृष्टि के कारण जिले में करीब 31 हजार हेक्टेयर में धान व अन्य फसलें खराब हुई हैं। मुआवजे के लिए आवेदन करने वाले 18 हजार 200 किसानों में से 17 हजार 400 किसानों को करीब 12 करोड़ रुपये मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
जिले में खराब हुई फसलों के सर्वे में यह अनुमान लगा या गया है। सर्वे पूरा होने पर अब अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं। लेकिन, मुआवजे के लिए किसानों को अप्रैल-मई तक इंतजार करना होगा। विभाग के पास 18,200 किसानों ने खराब हुई फसल की शिकायत दर्ज कराई थी। इनमें 700 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा नहीं कराया था। इनका क्लेम रद्द कर दिया गया है।
54 सर्वेयर ने 20 दिन में पूरा किया सर्वे
करीब साढ़े 17 हजार किसानों की खराब हुई फसलों का सर्वे करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग व संबंधित फसल बीमा कंपनी ओरियंटल जनरल इंश्योरेंस कंपनी के 54 सर्वेयर की टीमों ने 2 अक्तूबर से सर्वे कार्य शुरू किया था। यह कार्य जहां पूरा कर लिया गया, जिसमें करीब 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसल खराब पाई गई।
ओलावृष्टि से ये गांव रहे अधिक प्रभावित
सर्वे के मुताबिक ओलावृष्टि के कारण गांव ठोल, ठसका अली, चम्मू कलां, बसंतपुर, इस्माईलाबाद, खेड़ी शहीदां, अजरावर के खेतों में खड़ी फसलों को सर्वाधिक नुकसान हुआ है।
इतने किसानों ने दिए थे मुआवजे के लिए आवेदन
ब्लॉक आवेदन
थानेसर 7100
शाहाबाद 3700
पिहोवा 2900
बाबैन 1680
इस्माईलाबाद 651
लाडवा 700
पिपली 769
700 किसानों को फसल बीमा न कराना पड़ा भारी : बलकार सिंह
विभाग के एएसओ बलकार सिंह ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से फसलें खराब होने पर विभाग के पास 18,200 किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया था, लेकिन 700 किसानों के आवेदन रद्द करने पड़े। इन किसानों ने योजना के तहत फसल बीमा नहीं कराया गया था। इस कारण इन किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
क्रॉप कटिंग का जायजा लेने पहुंची कंपनी के अधिकारियों की टीम
फसल बीमा कंपनी का इस बार जिम्मा उठा रही ओरियंटल जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों की टीम बुधवार को कुरुक्षेत्र पहुंची। गांव घराड़सी व रावगढ़ में क्रॉप कटिंग का जायजा लिया। इस टीम में कंपनी के दिल्ली से आए डीजीएम पंकज खन्ना, मैनेजर जे एस कलसी व आरएम सतीश कत्याल शामिल रहे। उनके साथ कृषि विभाग के एएसओ बलकार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
आज पहुंचेंगे विभाग के अतिरिक्त निदेशक
सर्वे कार्य बेहतर तरीके से किया गया है, जिसमें इंश्योरेंस कंपनी के कर्मियों के अलावा विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है और पूरी रिपोर्ट क्लेम के लिए तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही विभाग व कंपनी को भेजा जाएगा। क्रॉप कटिंग का जायजा लेने के लिए वीरवार को विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. आरएस सोलंकी शाहाबाद व पिपली पहुंचेंगे।
- डॉ. कर्मचंद, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग