पिहोवा। डेरा संतपुरा में 11 हजार किलोवाट तारों की चपेट में आने से वीरवार को एक लाइनमैन की मौके पर ही मौत हो गई। लाइनमैन जंपर बदलने के लिए के लिए खंभे पर चढ़ा था। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में भेज दिया। मृतक की पहचान करीब 32 वर्षीय सकीन निवासी गांव जडौला (कैथल) के रुप में हुई है। पिछले माह ही सकीन की पदोन्नति हुई थी। जानकारी के अनुसार लाइनमैन सकीन अन्य बिजली कर्मचारियों के साथ डेरा संतपुरा में जंपर बदलने के लिए खंभे पर चढ़ा हुआ था। सकीन से लाइन बंद करने का परमिट भी लिया हुआ था। जंपर बदलने के बाद जब वह खंभे से नीचे उतरने लगा तो उसका सिर 11 हजार किलोवाट तारों से छू गया और वह खंभे से नीचे गिर गया। इस कारण सकीन की मौके पर ही मौत हो गई। थाना प्रभारी जय नारायण शर्मा ने बताया कि सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
लाइन बंद करने का था परमिट
बिजली की तारों की मरम्मत करने से पहले कर्मचारियों ने लाइन बंद (बिजली बंद) करने का परमिट लिया था। बिजली बंद होने के बाद लाइनमैन सकीन जंपर ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा हुआ था। इसी दौरान उसका सिर 11 हजार किलोवाट तारों के संपर्क में आ गया और उसकी मौत हो गई। अब इस बात की जांच की जा रही है कि लाइन बंद होने के बाद तारों में करंट कहां से आया। उधर, ग्रामीण क्षेत्र के एसडीओ अनिल श्योकंद ने बताया कि सकीन ने लाइन बंद करने का परमिट लिया हुआ था।
नहीं पहने थे सुरक्षा उपकरण
जंपर बदलने के दौरान सकीन ने बिजली से सुरक्षा देने वाले उपकरण नहीं पहने हुए थे। खंभे से नीचे उतरने के दौरान उसका सिर तारों से छू गया और उसकी मौत हो गई। बिजली बोर्ड के हलका यूनियन प्रधान बलबीर रंगा ने बताया कि सभी को सुरक्षा उपकरण मिलते है। सकीन की पिछले माह ही पदोन्नति हुई थी। अभी उसे सुरक्षा उपकरण नहीं मिले थे। ग्रामीण क्षेत्र के एसडीओ अनिल श्योकंद ने बताया कि लाइनमैन को निगम की ओर से सुरक्षा उपकरण मिलते है। वैसे कर्मचारियों ने वहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। उन्होंने अर्थिग वगैरह किए हुई थी। इस बात की जांच की जाएगी कि सकीन ने सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं पहने थे।
पहले भी हुई एक अनुबंधित कर्मचारी की मौत
इस घटना से पहले भी एक अनुबंध तौर पर कार्यरत युवा कर्मचारी की करंट लगने से मौत हुई थी। नवंबर 2017 में 23 वर्षीय भाग सिंह निवासी पृथू कॉलोनी पिहोवा गांव मुर्तजापुर के समीप खेतों में रखे ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए गया था। जहां खेतों में एक ट्रांसफार्मर जमीन तथा एक खंभे रखा हुआ था। जिसकी बिना फ्यूज की हाई वोल्टेज तारे बाहर निकली हुई थी। अचानक भाग सिंह उन तारों की चपेट में आ गया और करंट लगने से उसकी मौके हो गई थी। भाग सिंह की चार दिन के बाद शादी होनी थी। भाग सिंह ने भी उस समय कोई सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे। उस घटना के बाद भी निगम ने कोई सबक नहीं लिया।