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कुंटर या ने हडताल का बिगुल बजाया: रामकुमार गुर्जर

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) की वीरवार से पूर्ण हड़ताल के साथ केयू का कामकाज ठप हो चुका है। यूनिवर्सिटी में स्थानीय व दूरदराज क्षेत्रों से काम के लिए आए लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर कुंटिया के पूर्ण हड़ताल के ऐलान के बाद वीरवार को आमसभा की मीटिंग में केयू के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ज्ञात हो कि कुंटिया ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कुछ मुख्य मांगों को लेकर 19 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था। इनमें मुख्य रूप से कर्मचारियों का डीए का एरियर (जो कि पिछले एक साल से लंबित है), एलटीसी की सुविधा, 7वें पे कमीशन के हिसाब से देना, 7वें पे कमीशन को तुरंत लागू करना, एओ/एसएओ की प्रमोशन पहले की तरह करने, एसएफएस कर्मचारियों की मेडिकल व लोन सुविधा एवं मांग पत्र की लंबित मांगें आदि हैं।
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कुंटिया का आरोप है कि केयू प्रशासन किसी भी मांग के प्रति गंभीर नहीं है। आज कुंटिया अध्यक्ष रामकुमार गुर्जर और महासचिव डा.दीपक शर्मा की आगुवाई में वीसी आफिस के बाहर कुंटिया का धरना दिन भर जारी रहा। इस दौरान पर कुंटिया के सभी पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य, पूर्व महासचिव भारत भूषण, रामलाल, राजकुमार ढींगरा, सतीश शर्मा, सुभाष जडौला, कृष्ण पांडे, विजय गौड़, रामकरण शर्मा, अजमेर सिंह, प्रमोद शर्मा, नीलकंठ शर्मा, रामफल, जीत सिंह शेर, हरी सिंह, संत कुमार, नरेंद्र वर्मा, राजीव शर्मा आदि कुंटिया नेता मौजूद थे और सभी कर्मचारी साथियों ने इस कदम का स्वागत किया।
कुंटिया महासचिव डा. दीपक शर्मा ने कहा कि अब प्रशासन के साथ आरपार की लड़ाई शुरू हो चुकी है। कुंटिया ने लंबे समय से प्रशासन को आगाह किया हुआ है लेकिन लगता है कि प्रशासन कुंटिया को गंभीरता से नहीं ले रहा। कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि प्रशासन विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति का रोना रो रहा है। उन्होंने कहा कि ये जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है कि वे हरियाणा सरकार से जरूरी ग्रांट ले कर आए। विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह आयोजन करने के लिए तो पैसा उपलब्ध हो जाता है लेकिन कर्मचारियों को उनके जायज हकों को देने के लिए विश्वविद्यालय के पास पैसा नहीं है। कुंटिया प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय में 20 व 21 जुलाई को पूर्ण रूप से हड़ताल रहेगी।
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हड़ताल की वजह से विद्यार्थी हो रहे परेशान
प्रधान सुमित राणा ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल से विद्यार्थियों को रिजल्ट के लिए भटकना पड़ रहा है। बीएससी की छात्रा रिजल्ट ब्रांच में कोनफिडेंशनल रिजल्ट लेने के लिए आई थी लेकिन उससे खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि आगे दाखिला लेने के लिए कोनफिडेंशनल रिजल्ट की आवश्यकता, परंतु प्रशासन कोई जवाब नहीं दे रहा। शाहाबाद निवासी बीए के विद्यार्थी कमल ने बताया कि मुझे पेपरों में यूनिवर्सिटी द्वारा गैर हाजिर दिखाया जा रहा। इससे उनका रिजल्ट अधर में अटका है। कई दिनों से रिजल्ट ब्रांच द्वारा चक्कर कटवाए जा रहे। इसकी वजह से आगे दाखिला लेने में परेशानी आ रही है। शाहाबाद के छात्र प्रवीण ने बताया कि दो दिन से रिजल्ट ब्रांच में रिजल्ट के लिए चक्कर काट रहा हूं। लेकिन रिजल्ट ब्रांच ऐसा कोई प्रोविजनल या कोनफिडेंशनल रिजल्ट नहीं दे रही जिसके कारण आगे की क्लास में दाखिला लिया जा सकें। अगर समय पर रिजल्ट न मिल सका तो इससे हमारा साल बर्बाद हो जाएगा।
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