पिहोवा। गांव सारसा के समर, समीर और सिमरन के पिता सोनू (सोहन) ने बच्चों की हत्या के मामले में खुद को बेकसूर होने का दावा किया है। बच्चों का पिता सोनू इस हत्याकांड के एक साल बाद खुलकर सामने आया है और खुद को बेकसूर होने का दावा कर रहा है। जेल से रिहा होने के बाद सोनू गांव डूमरखां में अपने मामा के घर पर ही रह रहा है। सोनू के अनुसार बच्चों की हत्या करने का आरोपी जगदीप ने उसकी पैतृक जमीन को हड़पने के लिए षडयंत्र रच कर फंसाया था।
सोनू ने यह बात शुक्रवार को सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। सोनू ने दावा किया स्थानीय पुलिस की जांच से लेकर एसआईटी द्वारा की गई जांच ने भी उसे क्लीन चिट दी है। मामले को लेकर गठित कमेटी व ग्रामीण इस हत्याकांड की सीबीआई से जांच करवाना चाहते हैं। वे भले ही उसके खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं। वह खुद भी मामले की सीबीआई जांच करवाना चाहता है ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके और उसके माथे पर अपने ही बच्चों की हत्या का कलंक साफ हो सके। सोनू ने बताया कि उसने अपनी पत्नी सुमन से भी बात करने की कोशिश की थी। सुमन अपने मायके में रह रही है और मायके के लोगों के साथ ही फैसला कर रही है। सोनू ने बताया कि अपने इस कंलक को धोने के लिए वह किसी भी जांच से गुजरने के लिए तैयार है। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी वह अपने गांव में अपने समाज के साथ रहना चाहता है। उसे खुशी है कि गांव के लोगों ने हर संकट में उसके परिवार का साथ दिया। बता दें कि पिछले साल 21 नवंबर को गांव सारसा के तीन बच्चे समर, समीर एवं सिमरन के शव पंचकूला के मोरनी में मिले थे। बच्चों की हत्या के आरोप में पुलिस ने बच्चों के चाचा जगदीप को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बच्चों के पिता सोनू को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन अगले ही महीने हत्या के मुख्य आरोपी जगदीप ने कुरुक्षेत्र की जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद लगातार गांव सारसा के लोग मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। उधर, संघर्ष समिति के प्रधान संसार चंद ने बताया कि सोनू को जेल से रिहा हुए काफी समय हो गया है, लेकिन अपने बच्चों को इंसाफ दिलाने के लिए सोनू ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। जब गांव का बच्चा-बच्चा उन तीन मासूमों को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है तो सोनू ने अभी मामले में कहीं कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। इस बात से साफ जाहिर है कि सोनू बच्चों की हत्या में आरोपी है। गांव की ओर से सोनू का बहिष्कार किया गया है।