अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। खुशहाली भरे माहौल से पहचान रखने वाला भारत देश को अब बदलते परिवेश में दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से कलंकित किया जा रहा है। इसी पहलू को रास कला मंच सफीदों के कलाकारों ने दिखाने का प्रयास किया। मैक में तीन दिवसीय नाट्य उत्सव के दौरान विदेशी लेखक बर्तोल्त ब्रेख्त की कविता पर आधारित नाटक मारिया फरार का मंचन हुआ। रवि मोहन के निर्देशन तथा कृष्णा के सह निर्देशन में तैयार यह नाटक इतना संवेदनशील था कि मैक की भरतमुनि रंगशाला में दर्शक भावुक हो गए। 14 साल की लड़की मारिया फरार जो एक शराबखाने में काम करती है। यहां की मालकिन अक्सर उससे बुरा बर्ताव करती है। एक दिन मालकिन किसी काम से बाहर गई तो मारिया ग्राहकों को शराब देने लगी। मारिया को अकेली पाकर तीन शराबी उसका दुष्कर्म करते हैं। मारिया को गर्भ ठहर जाता है, लेकिन अपनी मालकिन के डर के कारण किसी को कुछ नहीं कह पाती और चुपचाप काम करती रहती है। धीरे-धीरे शिशु को बड़ा होता महसूस कर मारिया के दिल में डर पैदा होता है। एक दिन मालकिन उसे किसी ग्राहक के घर शराब पहुंचाने भेजती है, लेकिन यहां भी मारिया को हवस का शिकार बनाया जाता है। रोती-बिलखती मारिया के पेट में बच्चा होने की बात कहने पर भी ग्राहक को तरस नहीं आया। मारिया शराबखाने के बेसमेंट में बच्चे को जन्म दे देती है, लेकिन बच्चे के रोने की आवाज मालकिन तक न पहुंच जाए, इसलिए उसे पीट-पीटकर मार देती है। पुलिस द्वारा पकड़ने पर वह पागलों की तरह व्यवहार करने लग जाती है। पुलिस वाले ताव में आकर मारिया को गोली मार देते हैं। इस तरह एक दुष्कर्म पीड़िता अपनी जिंदगी गंवाकर बेदर्द दुनिया को अलविदा कह जाती है। नाटक का सेट, संगीत, विषय-वस्तु ने नाटक को संगीन बनाने में अहम भूमिका निभाई। मारिया का मुख्य किरदार परमिंदर कौर तथा श्वेता ने निभाया। वहीं सलोनी मलिक, चांद शर्मा, आशीष पाठक, गौरव सक्सेना, दीपक शर्मा, सोमबीर, पवन भारद्वाज एवं विवेक मिश्रा ने भी अभिनय किया।