कुरुक्षेत्र। बाढ़ जैसी आपदा में फंसे लोगों को बचाने के लिए प्रदेश भर के 120 कर्मचारी ब्रह्मसरोवर तट पर छह दिन विशेष गुर सीखेंगे। इसके लिए सोमवार को ब्रह्मसरोवर तट पर प्रदेश स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया, जिसका शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने किया। कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए 20 ट्रेनर तैनात किए गए हैं।
वहीं इसके बाद रोहतम तिलयार झील व उसके बाद यमुनानगर में हथनी कुंड बैराज पर भी खास प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्रह्मसरोवर तट पर प्राथमिक तौर पर काम आने वाले गुर दिए जाएंगे, जिनमें चप्पू से लेकर इंजन वाली नाव चलाना भी शामिल है। यहीं नहीं बाढ़ के आपात हालात में घरेलू चीजों का प्रयोग कर कैसे जनहानी बचाई जा सकती है, यह भी गहन जानकारी दी जाएगी।
मुख्य प्रशिक्षक मुकेश कुमार व प्रशिक्षक सुमित राठी झज्जर ने बताया कि प्रदेश सरकार हर साल विभिन्न विभगों के कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण देती है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें फील्ड में उतारा जा सके। इसके प्रति कर्मचारियोंं में भी उत्साह बना हुआ है।
प्रशिक्षण के दौरान कईं प्रकार की प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी और विजेताओं को सम्मानित भी किया जाना है।
वहीं अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने कहा कि आपदा के समय अनजान व्यक्ति की जान को बचाने के उद्देश्य से ही प्रशिक्षण लेना चाहिए। इस प्रदेश में समय-समय पर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी देखने को मिली है। इसलिए बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर में एक-एक प्रशिक्षणार्थी को गंभीरता के साथ प्रशिक्षण ग्रहण करना है। यह प्रशिक्षण शिविर कर्मचारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से प्रशिक्षण ग्रहण करने के उपरांत कहीं पर भी आने वाली आपदा में किसी की जान को बचाया जा सकता है।
डीआरओ चेतना चौधरी ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में दूसरों के जीवन की रक्षा करने का लक्ष्य प्रशिक्षणार्थियों के जहन में हमेशा रहना चाहिए। इस कार्य को पूरे जोश और जनून के साथ करने की जरुरत है तभी दूसरों के जीवन को बचाने के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा। दूसरों का जीवन बचाकर जहां आत्म संतुष्टि मिलेगी, वहीं प्रशिक्षण शिविर में दिए गए प्रशिक्षण का मकसद भी पूरा होगा।