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अब आढ़ती ने धान के भाव में फेरबदल कर पर्चा काटा तो लाइसेंस होगा रद्द
- मार्केट कमेटी ने कुरुक्षेत्र अनाज मंडी के सभी 400 आढ़तियों को भेजा नोटिस
- धान की ढेरी पर किसान के नाम, धान की किस्म व लगे भाव की भी लगानी होगी पर्ची
- कम भाव पर धान खरीद के बावजूद सरकारी रेट के पर्चे काटने की लगातार मिल रही थीं शिकायतें
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। कम भाव पर धान खरीदकर सरकार की ओर से तय रेट के पर्चे काटने वाले आढ़तियों की अब खैर नहीं। ऐसे आढ़तियों का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। यही नहीं, आढ़ती को अब धान की हर ढेरी पर किसान का नाम, धान की किस्म के साथ ही किसान को मिले भाव की पर्ची भी लगानी होगी। मंडी में पहली बार यह व्यवस्था की गई है। मार्केट कमेटी ने मंडी में सभी आढ़तियों को इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
मार्केट कमेटी प्रशासन को किसानों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि आढ़ती सरकार की ओर से तय रेट से 150 से 200 रुपये तक कम भाव दे रहे हैं। जबकि पर्चे पूरे रेट पर ही काटे जा रहे हैं। इस संबंध में वीरवार को अखिल भारतीय किसान सभा के प्रताप सिंह के नेतृत्व में मंडी में किसानों ने जुलूस निकाला था और कमेटी चेयरमैन से लेकर सचिव को भी खरी-खरी सुनाई थी। इसके बाद मार्केट कमेटी अधिकारी जागे और आढ़तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भी आढ़तियों को सामूहिक नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें उसी भाव पर किसान को पर्चा देना होगा, जिस भाव पर धान खरीदा है। किसान व भाव से संबंधित पर्ची भी ढेरी पर लगानी होगी, ताकि खरीद में पारदर्शिता रह सके।
धान खरीद में हेरफेर सहन नहीं होगा : प्रताप सिंह
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव प्रताप सिंह का कहना है कि धान खरीद में किसानों के साथ हेरफेर कर उन्हें लूटा जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। जिस भाव में धान बिका है, उसी भाव का पर्चा काटा जाना चाहिए। किसान सभा की ओर से यह व्यवस्था लागू करने के लिए मांग की गई है और इसे लागू नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।
यह व्यवस्था लागू होना नहीं आसान : दौलत राम
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि फिलहाल अभी ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है, लेकिन जो आदेश अधिकारियों ने जारी किए जाने के दावे किए हैं वह लागू करना आसान नहीं है। आढ़ती इस तरह से हर ढेरी पर पर्चियां नहीं लगवा सकते। किसान को धान का कम रेट मिलने में आढ़ती की कोई भूमिका नहीं है, इसके बावजूद पूरा दबाव आढ़तियों पर ही डाला जा रहा है, जो गलत है।
खरीद शुरू होते ही ब्रह्मसरोवर तट पर भी शुरू हो गई अस्थायी अनाज मंडी
सरकारी खरीद शुरू हुए अभी एक सप्ताह भी पूरा नहीं हुआ कि नई अनाज मंडी में अव्यवस्था के चलते अब ब्रह्मसरोवर तट पर भी अस्थायी मंडी शुरू हो गई है। अधिकारी उठान कार्य सुचारु होने का दावा कर रहे हैं जबकि मंडी में सबसे अधिक समस्या कबाड़ की होने लगी है। अनाज की ढेरियों से भी बड़े ढेर कबाड़ के लगे हैं, जिससे मंडी की सड़कों से गुजरना भी बेहद मुश्किल हो चुका है। कबाड़ न उठाने से आढ़तियों से लेकर किसानों में भी रोष है।
लगातार मिल रही थीं किसानों की शिकायतें : सचिव
सभी आढ़तियों को नोटिस जारी कर निर्देश दे दिए गए हैं। इसके बावजूद लापरवाही व मनमानी पाए जाने पर संबंधित आढ़ती का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। खरीद एजेंसियों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। नमी की आड़ में भी किसानों के साथ धान के भाव में गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। मंडी में कबाड़ उठाने के लिए संबंधित ठेकेदार को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- राहुल मियों, सचिव, मार्केट कमेटी