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दलित समाज ने लाडवा में निकाला रोष मार्च, बाजार रहा खुला

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दलित समाज ने चार घंटे जाम रखा नेशनल हाईवे, लोग हुए परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
एससी-एसटी एक्ट में संसोधन के विरोध में उतरे दलित समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों ने बाजार बंद कराए। चार घंटे तक पिपली में नेशनल हाईवे जाम रखा। प्रदर्शनकारी बाजारों में पहुंचकर दुकानें और शॉपिंग मॉल्स बंद करवाए। इस दौरान किसी बड़े हंगामे, तोड़फोड़ या आगजनी जैसी घटना नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों के जाने के बाद करीब आधी मार्केट दोबारा खुल गई। जीटी रोड पर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुल के ऊपर जाम लगाने के साथ पुल के नीचे अंबाला, यमुनानगर, दिल्ली व कुरुक्षेत्र की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। हाईवे पर बने पुल के नीचे मुख्यमंत्री एवं गीता जयंती समारोह से संबंधित होर्डिंग्स तोड़ दिए। डीएसपी राज सिंह की मौजूदगी में तैनात भारी पुलिस बल यह सब देखती रही। दो घंटे बाद डीसी डॉ. एसएस फुलिया व एसपी अभिषेक गर्ग प्रदर्शन स्थल के समीप पैराकीट पहुंचे तो हालात की जानकारी ली।
प्रदर्शन कर रहे लोगों को बातचीत के लिए दो बार पैराकीट बुलाया गया, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। बाद में प्रदर्शनकारियों के आह्वान पर जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक के साथ प्रदर्शन स्थल पर ज्ञापन लेने पहुंचे और ज्ञापन लिया। प्रदर्शनकारियों ने गो बैक के नारे लगाते हुए डीसी से बातचीत करने से इंकार कर दिया। इसके चलते डीसी व एसपी को महज ज्ञापन लेकर वापस पैराकीट लौटना पड़ा। इसके बाद कई संगठनों के कार्यकर्ता प्रदर्शन से लौट गए तो सैकड़ों युवक जाम लगाने पर अड़े रहे। करीब साढ़े चार बजे उन्हें पुलिस ने वहां से हटाया और जाम खुल पाया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर भी प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने के लिए पहुंचे।
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हजारों वाहनों के साथ जाम में फंसी रहीं कई एंबुलेंस
नेशनल हाईवे पर लंबे समय तक लगाए गए जाम से जहां चारों ओर हजारों वाहन फंसे रहे, वहीं इस बीच कई एंबुलेंस इन जामों में फंस गईं। पीजीआई चंडीगढ़ के लिए मरीजों को लेकर जा रहीं इन एंबुलेंस में करनाल व कुरुक्षेत्र के अलावा एक एंबुलेंस रक्षा मंत्रालय की भी शामिल थी। हालांकि कुछ देर बाद प्रदर्शनकारियों ने इन एंबुलेंस को जाने दिया।
बाहर आया बुजुर्ग महिला का दर्द
गांव पबनावा निवासी अंग्रेजो देवी ने बताया कि वह घर से अपनी पुत्र वधू के साथ सवा महीने के पोते के साथ चंडीगढ़ के लिए निकली थी, लेकिन पिपली में जीटी रोड जाम से इधर उधर भटकना पड़ रहा है। इस बुजुर्ग महिला ने कहा कि अगर उनके सवा माह के पोते के साथ इन हालात में कुछ गलत होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। अंग्रेजो देवी ने बताया कि वह करीब एक किलोमीटर से ज्यादा सामान लेकर पैदल चल चुकी है।
रोडवेज डिपो को पांच लाख का नुकसान हुआ
नेशनल हाईवे व पिपली कुरुक्षेत्र मार्ग सहित अन्य जगहों पर जाम से साढ़े चार घंटे तक रोडवेज डिपो बंद रहा, जिससे रोडवेज को करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ। शाम को जब करीब पौने पांच बजे बसें शुरू हुई तो यात्रियों ने राहत की सांस ली। उधर दूसरे जिलों व राज्यों की 35 बसों को भी नेशनल हाईवे व अन्य मार्गों से कुरुक्षेत्र डिपो वर्कशॉप में लाया गया तो वहीं करीब 15 कर्मचारी ड्यूटी छोड़कर धरने पर उतर आए, जिसके चलते प्रशासन ने सामान्य वर्ग के छुट्टी पर गए कर्मियों को बुलाया और काम चलाने का प्रयास किया।
लाडवा में नहीं दिखाई दिया रोष मार्च का असर
लाडवा। लाडवा में भारत बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। शहर के सभी बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे, लेकिन बंद के आह्वान को देखते हुए लोग खरीदारी के लिए घरों से नहीं निकले। दलित समाज ने लाडवा में रोष मार्च निकाल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाजारों को बंद करा दिया। अप्रिय स्थिति से निपटने को भारी पुलिस बल तैनात रहा। इंद्री रोड स्थित रविदास मंदिर में इकट्ठा हुए लोग इंद्री चौक होते हुए महाराजा अग्रसेन चौक, मेन बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, सराफा बाजार, ठाकुरी देवी स्कूल से होता हुआ वापस इंद्री चौक पहुंचा। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक रमेश गुप्ता ने समर्थकों सहित रविदास मंदिर में पहुंच समर्थन दिया।
इस्माईलाबाद हाईवे पर जाम, प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
इस्माईलाबाद। दलित समाज के लोगों नेे डीएवी पब्लिक स्कूल के समीप नेशनल हाईवे-65 पर एक घंटा जाम लगाकर रोष प्रर्दशन किया। नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ढुल्ल तथा थाना प्रभारी राजेश कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा उन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
शाहाबाद में एसडीएम को राष्ट्रपति, पीएम व सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
शाहाबाद । यहां पर प्रदर्शनकारी सर्व प्रथम लवकुश नगर से निकले और बाजारों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कुलविंद्र ढकाला और एडवोकेट वीरेंद्र कुमार करते हुए एसडीएम सतबीर कुंडू को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। लिंक रोड बाधित रहने से काफी देर तक जाम लगा रहा। प्रर्दशनकारियों न चेताया कि अगर इस एक्ट के साथ छेड़छाड़ हुई तो दलित समाज के लोग किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है। पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
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प्रदर्शन के दौरान मुस्तैद रही पुलिस, अटकी रहीं सांसें
प्रदर्शन के चलते पुलिस की सांसे अटकी रहीं। कर्मचारी पूरी तरह से मुस्तैद रहे। प्रदर्शन में हजारों की संख्या में लोग शामिल थे। इतनी भीड़ को संभालना पुलिस के लिए काफी मुश्किल था। जब भीड़ जीटी रोड पर चढ़ी तो पुलिस चौकसी बढ़ानी पड़ी।
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