कुरुक्षेत्र में बेटियों का बढ़ा सम्मान, एक हजार के मुकाबले हुईं 923
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
धर्मनगरी में अब बेटियों का तिरस्कार नहीं हो रहा, बल्कि सम्मान दिया जा रहा है। यह साबित करता है स्वास्थ्य विभाग घोषित किया गया लिंगानुपात का रिकॉर्ड। पिछले वर्षों के दौरान गर्भ में बेटियों के कत्ल के चलते हालात चिंताजनक हो चुके थे। अब जिले में लिंगानुपात एक हजार बेटों के मुकाबले 923 पहुंच चुका है। इसके साथ ही एक वर्ष में ही लिंगानुपात की दृष्टि से जिला 20वें स्थान से छलांग लगाकर सातवें स्थान पर पहुंच गया है। गुजरे वर्ष दिसंबर में बेटियों की संख्या बेटों के मुकाबले 971 दर्ज की गई। इस बड़ी सफलता से स्वास्थ्य विभाग खुश नजर आ रहा है। साथ ही लोगों की बदली सोच के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
यह पहली बार है कि वार्षिक लिंगानुपात का आंकड़ा इस शिखर तक पहुंचा है। इससे प्रदेश सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता भी माना जा रहा है। बेहतर परिणाम मिलने से उत्साहित जिला स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2018 में यह आंकड़ा 950 तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विभाग अभी से ही प्रयासर कर रहा है। बता दें कि वर्ष 2016 में प्रदेश के 21 जिलों में कुरुक्षेत्र लिंगानुपात की दृष्टि से 20वें स्थान पर था। इससे यहां बेटियों के प्रति लोगों के नजरिये पर चर्चाएं की जाने लगी थीं। यह स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चेतावनी थी।
चार लोगों को मिला एक-एक लाख रुपये का इनाम
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी योजना के अनुसार कार्रवाई की। बेटियों का गर्भ में कत्ल करने वाले लोगों की सूचना देने पर चार लोगों को एक-एक लाख रुपये का इनाम भी मिला है। सरकार की इस योजना के तहत ही चार अन्य लोगों को भी यह इनाम देने की सिफारिश विभाग ने की है।
बेटियों को कत्ल करवाने में यूपी के लोगों का भी हाथ : डॉ. सहाय
पीसीपीएनडीटी योजना के जिला नोडल अधिकारी एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सहाय का कहना है कि जिले की बेटियों का कत्ल करवाने में यूपी के लोगों का भी हाथ रहा। पिछले एक वर्ष के दौरान यूपी के ऐसे छह लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो भ्रूण हत्या के मामलों में शामिल रहे थे। पूरे वर्ष के दौरान 28 जगहों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 94 आरोपी गिरफ्तार किए गए। 25 केस दर्ज करवाए गए।
वर्ष 2018 में लिंगानुपात 950 करने का लक्ष्य : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एसके नैन का कहना है कि वर्ष 2017 में लिंगानुपा 923 हो गया है। यह रिकॉर्ड है। इस वर्ष यह 950 तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे पूरा करने के लिए योजना बना ली गई है। इस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है। लिंगानुपात में हुए सुधार और लोगों की सोच में आए बदलाव से यह लक्ष्य अवश्य ही हासिल कर लिया जाएगा। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
वर्ष दर वर्ष ये रहा जिले का लिंगानुपात
2013 887
2014 869
2015 860
2016 860
2017 923