अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मंगलवार दोपहर बाद थानेसर ब्लॉक में करीब 30 मिनट तक 42 एमएम बारिश हुई। जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे तो वहीं गर्मी व उमस से भी बड़ी राहत मिल पाई। बारिश के चलते शहर के नीचे के रिहायशी क्षेत्रों व सड़कों पर जलभराव हो गया, जिस कारण लोगों को खासी परेशानी भी झेलनी पड़ी।
दोपहर करीब 3 बजे से साढ़े 3 बजे तक बारिश चली। जिस कारण शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 4 दिनों में और भी बारिश होने की संभावना जताई है। बता दें कि सोमवार को जहां थानेसर ब्लॉक में करीब चार एमएम बारिश हुई थी तो वहीं इससे पहले रविवार को ही करीब 94 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। पिछले तीन से लगातार बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले हुए है। किसान, जयसिंह, महिंद्र कुमार, जियालाल आदि का कहना है कि अभी धान की फसल की जरूरत के अनुसार बारिश नहीं हो पाई है, लेकिन लगातार बारिश होने से कुछ राहत अवश्य ही मिली है। अगले कई दिनों तक ऐसा ही मौसम रहे और बारिश हो तो फसल अच्छी होने की उम्मीद होगी।
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जुलाई में 36 एमएम कम हुई बारिश
इस वर्ष जुलाई में पिछले वर्ष की बजाए जिला भर में 36 एमएम बारिश कम हुई। पिछले वर्ष इसी माह में जहां 118 एमएम बारिश दर्ज की गई थी वहीं इस बार 82 एमएम ही बारिश हुई। बारिश कम होने से इस बार जहां फसलें भी खराब होने लगी थी तो वहीं किसान धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए करने लगे थे।
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धान की फसल के लिए वरदान बनी बारिश : कर्मचंद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि विशेष रूप से धान की फसल के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है। अगस्त में भी बारिश होने की संभावना है, जिसके चलते इस बार भी धान का उत्पादन बेहतर होगा। बारिश से पशु चारे व अन्य फसल को भी बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने माना कि अभी धान की फसल में जरूरत के अनुसार बारिश नहीं हो हुई है।