हाईवे पर बेलगाम वाहनों से हादसे की आशंका
कुरुक्षेत्र। शहर से गुजरने वाला कैथल-कुरुक्षेत्र और पिपली-यमुनानगर हाईवे पर भारी वाहनों को यातायात नियमों की न तो फिकर है और न खौफ। गन्ने, लकड़ी, रेत-बजरी और ईंटों से भरे ये भारी वाहन क्षमता से अधिक माल लेकर फर्राटे से हाईवे पर दौड़ रहे हैं। जबकि यातायात नियमों लागू करने वाले विभाग के अधिकारियों की नजरें इन पर पड़ती ही नहीं।
हाईवे का हाल जानने के क्रम में शनिवार को अमर उजाला ने कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर थर्ड गेट से लेकर थानेसर शहर, जीटी रोड, पिपली चौक के अलावा लाडवा-यमुनानगर हाईवे का हाल जाना। इन मार्गों पर ओवरलोड वाहनों की भरमार रही। इन सड़कों पर सैकड़ों ओवर लोड वाहन गुजरते दिखाई दिए। यहीं नहीं, कई बड़े वाहनों पर तो नंबर प्लेट तक नदारत दिखी। यातायात नियमों की निगरानी करने वाले विभागों के अलावा पुलिस के जवान भी दर्शक बनकर सड़कों से ऐसे वाहनों को गुजरते देखते रहते हैं। ओवरलोड वाहनों की चेकिंग और कार्रवाई न किए जाने का असर शहर की ट्रैफिक पुलिस पर पड़ता है। सड़क सुरक्षा संगठन भी केवल खानापूर्ति तक सीमित हो है। आए दिन लाडवा, पिपली, सिटी थाना क्षेत्र, थर्ड चौकी के सामने से पुलिस को ठेंगा दिखा थानों के सामने से नियम तोड़ने वाले ओवरलोड ट्रक, ट्रैक्टर-ट्राली एवं अन्य भारी वाहन बेखोफ गुजर रहे हैं, लेकिन पाबंदी नहीं लग पा रही। आरटीए से सहायक सचिव सुनील कुमार ने बताया कि ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए जांच अभियान से 55 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। वहीं, डीएसपी यातायात तान्या सिंह ने बताया कि ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाना गंभीर समस्या है। ऐसे चालकों को ज्यादा लालच छोड़ बाकी इंसानों की भी परवाह करनी चाहिए। ओवरलोड ट्रक और गन्ने से भारी मात्रा में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सख्ती बरती जाएगी। इसके लिए कड़ाई से व्यवस्था बनाएंगे।
सड़क सुरक्षा पर बड़े दावे, हकीकत में कुछ नहीं
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़े विभागों के अधिकारी अपने दफ्तरों में बैठकर सड़क सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें अवश्य करते हैं लेकिन हकीकत में किसी कार्रवाई को अमल में नहीं लाया जाता। शहर में बढ़ते सड़क हादसों के बावजूद इनको रोकने अथवा कम करने की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में क्या कदम उठाए गए। इसकी जानकारी भी नहीं है। हालांकि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान रैली निकालने, जागरूकता कार्यक्रम कर चेहरे का चमकाने का काम किया जा रहा है।