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पुलिस के पहरे में रूटों पर दौड़ी रोडवेज की 1

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फोटो 13 से 17, 19
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पुलिस के पहरे में रूटों पर दौड़ीं रोडवेज की 18 बसें
- विभाग में अप्रेंटिस पर कार्यरत युवक बने कंडक्टर तो निजी स्कूलों के चालकों ने थामी स्टीयरिंग
- न सरकारी और न ही स्कूल बसों में दी यात्रियों को टिकट, किराया किया वसूल
- कर्मचारियों ने जारी रखी हड़ताल, ताज पार्क में धरना देकर की जमकर नारेबाजी
- तीन दिन बढ़ाई हड़ताल को अध्यापकों एवं छात्र संघों ने भी दिया समर्थन
- रोडवेज विभाग ने होमगार्ड के जवानों की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद रविवार को रोडवेज प्रशासन ने पुलिस के पहरे में विभाग की 18 बसों को रूटों पर दौड़ाया। हर बस में एक-एक पुलिस कर्मी को तैनात किया गया। वहीं आरटीए के माध्यम से निजी स्कूलों के बस चालकों को स्टीयरिंग थमाई गई। विभाग में अप्रेंटिस पर कार्यरत युवकों व हेल्परों को कंडक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन इन बसों में भी बिना टिकट दिए ही यात्रियों से किराया वूसल किया गया। शिक्षण संस्थानों की 14 और सहकारी समिति की सभी 31 बसें दिन भर चलती रहीं।
रोडवेज बसों के संचालन में हड़ताल पर उतरे कर्मचारी बाधा उत्पन्न न कर दे, इसी भय के चलते अधिकारी बस में तैनात चालक व परिचालकों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। पुलिस कर्मी भी अधिकारियों के सीधे संपर्क में रहे। रोडवेज कर्मचारियों का धरना भी ताज पार्क में जारी रहा। धरने में जहां रोडवेज की सभी सातों यूनियन के कर्मचारी शामिल रहे वहीं सरकार के साथ राज्य कमेटी की हुई कई दौर की वार्ता पर भी रोष जता रहे कर्मचारियों की निगाहें टिकी रहीं। वार्ता से सकारात्मक संदेश आने की उम्मीद की जाती रही, लेकिन देर शाम तक भी ऐसा कोई संदेश कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा।
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इंद्री रोड पर रोडवेज बस रोकने का प्रयास, पुलिस ने निकाला
इंद्री रोड पर रोडवेज बस को कुछ लोगों ने रोकने का प्रयास किया और कुछ समय के लिए विवाद भी हुआ। बस में तैनात पुलिस कर्मी ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो बस को जाने दिया गया। जीएम लेखराज ने भी इस घटना की पुष्टि की, लेकिन इस संबंध में देर शाम तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कराई गई। एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कच्ची पर्ची पर ही लिखा रूट, बस स्टॉप व किराया
जहां रूटों पर उतारी गई सरकारी बसों के लिए आरटीए के माध्यम से चालक लगाए गए। वहीं कंडक्टरों को कच्ची पर्ची पर ही विभाग की ओर से रूट, बस स्टॉप व किराया लिखकर दिया गया। इन बसों से विभाग को दिन भर में कितनी आमदन हो पाई, देर शाम तक भी अधिकारी यह हिसाब नहीं लगा पाए। वहीं हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों में चर्चा बनी रही कि ऐसी स्थिति में कंडक्टर बनाए गए युवा मनमर्जी के अनुसार ही बस में यात्रियों की संख्या दिखाएंगे और बस चलने के बावजूद विभाग को बड़ा चूना लगने की संभावना भी बनी रहेगी। विभाग को फायदे की बजाय बड़ा नुकसान ही होगा।

आज खुलेंगे स्कूल, रोडवेज विभाग से वापस ली जा सकती हैं बसें
सोमवार को स्कूल खुल जाएंगे। ऐसे में रोडवेज को दी गईं बसें भी स्कूल प्रबंधन वापस ले सकते हैं। हालांकि रविवार देर शाम तक रोडवेज अधिकारियों ने ऐसी संभावना व मांग से इनकार किया, लेकिन कई स्कूल प्रबंधकों ने बताया कि उनके लिए स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को सुविधा देना प्राथमिकता है।

इन्होंने दिया हड़ताल को समर्थन
सर्वकर्मचारी संघ, महासंघ, सीटू, कुंटिया, हेमसा, बिजली बोर्ड, जनवादी महिला संगठन, अध्यापक संघ, जनस्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन, अतिथि अध्यापक, दिशा मंच, आशा वर्कर, मिड डे मील वर्कर, नगर पालिका, पर्यटन विभाग सहित अन्य विभागों से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने भी समर्थन किया।

इन कर्मचारी नेताओं ने किया संबोधित
धरना दे रहे कर्मचारियों को माया राम उनियाल, सुरेंद्र बारवा, मूलचंद तिगरी, रणजीत सिंह, सूरजभान, नवीन शर्मा, राजेश गोयल, नरेश कुमार, सुनील रत्न, अमरीक सिंह चट्ठा, उषा रानी, बलदेव, राजेश कुमार, शारदा रानी, विरेंद्र सिंह, संत कुमार, अर्जुन सिंह, बलराम सिंह, गुरदास, ओमप्रकाश, चांदी राम एडवोकेट, कपिल, जयप्रकाश सारसा, सौरव सिंगला, रामकुमार, बलवान सिंह, सुलतान सिंह ने संबोधित किया।

पूरी निगरानी में चलाई गईं सरकारी बसें : जीएम
रूटों पर उतारी गईं रोडवेज बसों पर पूरी निगरानी रखी गई। बसों में एक-एक पुलिस कर्मी तैनात किया गया। पुलिस के उच्चाधिकारी भी लगातार संपर्क में रहे। रोडवेज की 18 बसों के अलावा 14 स्कूल बसें भी चलाई गईं। जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिल पाई है। सोमवार को भी बसें चलाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
- लेखराज, जीएम, कुरुक्षेत्र डिपो

विधायक सुधा व डॉ. पवन सैनी के नाम सौंपे ज्ञापन, आवास पर की नारेबाजी
सर्व कर्मचारी संघ ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का न केवल खुला समर्थन किया बल्कि रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल विधायक सुभाष सुधा व लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी के आवास पर ज्ञापन देने भी पहुंचा। ज्ञापन देने से पहले कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। विधायक सुभाष सुधा के आवास पर कर्मचारी पहले आवास के मुख्य गेट पर काफी समय तक नारेबाजी करते रहे, लेकिन कोई ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा तो कर्मचारी आवास परिसर में पहुंचे और वहां पर भी काफी समय तक नारेबाजी की। इसके बाद विधायक की पत्नी व नप चेयरमैन उमा सुधा ज्ञापन लेने पहुंची तो कर्मचारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांग को पूरा कराया जाए। निजी बसों को लेने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि हड़ताल से जहां लोगों को भारी परेशानी हो रही है वहीं सरकार का निजी बसों को लेकर लिया गया निर्णय किसी भी स्तर पर सही नहीं है, इसे वापस लिया जाए।

आज से बिजली कर्मी भी हड़ताल पर, गड़बड़ा सकती है व्यवस्था
रोडवेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल में अब बिजली कर्मचारी भी खुलकर आ गए हैं। कर्मचारी रविवार रात 10 से ही हड़ताल पर आ गए हैं और यह अनिश्चितकालीन किए जाने का ऐलान किया है। हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव कृष्ण चौहान ने बताया कि जिला भर में करीब एक हजार कर्मचारी सोमवार से सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक धरना देंगे। इस दौरान बिजली आपूर्ति में कोई बाधा व फॉल्ट आया तो उसे दुरुस्त नहीं किया जाएगा।

फोटो 12
नई भर्ती के लिए तीन दिन में करीब 2100 आवेदन पहुंचे, कंडक्टर के 1300 तो ड्राइवर के 800 आवेदन
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विभाग द्वारा शुरू की गई नई भर्ती के लिए रविवार को भी छुट्टी के बावजूद आवेदन लिए गए। यहां कंडक्टर के लिए करीब 100 से अधिक युवाओं ने आवेदन किया तो ड्राइवर के लिए भी करीब 90 आवेदन आए। तीन दिन में कुरुक्षेत्र डिपो में 2100 आवेदन जमा हुए हैं। सोमवार को भी आवेदन लिए जाएंगे। बता दें कि 18 अक्तूबर से ही नई भर्ती की सूचना मिलने पर युवा बस अड्डे पर जमा होने शुरू हो गए थे जबकि अगले दिन से आवेदन लिए जाने शुरू किए गए। आवेदनकर्ताओं में दसवीं पास से लेकर एमए व इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके युवा भी शामिल हैं।
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फोटो नंबर-37
रोडवेज कर्मचारियों को निर्वस्त्र होकर साइकिल पर समर्थन देने पहुंचा दिव्यांग रविंद्र सिंह
शाहाबाद। सरकार की कर्मचारियों के प्रति वादाखिलाफी नीतियों के विरोध में गांव नलवी वासी दिव्यांग रविंद्र सिंह ने निर्वस्त्र होकर रोडवेज कर्मचारियों का समर्थन दिया। रविंद्र धरना दे रहे कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए साइकिल पर रवाना हुये। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल उचित है। सरकार को हरियाणा रोडवेज में ही नई बसें लानी चाहिए व नौजवान पीढ़ी को भर्ती करके रोजगार देना चाहिए। रविंद्र सिंह एक टांग से विकलांग हैं और उनमें सरकार के प्रति रोष है क्योंकि सरकार ने विकलांगों से भी वादा करके उनकी मांगो के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया।
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