100 करोड़ से केयू में बढ़ेगी शोध कार्य की गुणवत्ता
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । केयू की रिसर्च, शोध, फैकल्टी डेवलपमेंट व गुणवत्ता में अब बढ़ोत्तरी होगी, जिस पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने रूसा (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत यह ग्रांट जारी की है। लंबे समय से विश्वविद्यालय के घाटे में चलने की चर्चाओं के बीच यह ग्रांट मिलने से विश्वविद्यालय प्रशासन व विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रदेश की पहली ए प्लस ग्रेड यूनिवर्सिटी व देश की कैटेगरी वन यूनिवर्सिटी की सूची में शामिल केयू की यह बड़ी उपलब्धी मानी जा रही है।
शुक्रवार को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 100 करोड़ रुपये का यह अनुदान देने की घोषणा की। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान योजना (रूसा) के तहत केयू को ए प्लस ग्रेड यूनिवर्सिटी होने व ग्रेडिड ऑटोनॉमी विश्वविद्यालयों की सूची में देशभर में आठवें स्थान को देखते हुए उक्त ग्रांट जारी की है।
कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों व इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि नैक ए प्लस ग्रेड, ग्रेडिड ऑटोनॉमी के बाद 100 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने से विश्वविद्यालय की क्षमताएं समाज के सामने जा रही हैं। आने वाले समय में विश्वविद्यालय शोध व शिक्षण के क्षेत्र में इस ग्रांट को खर्च करेगा, ताकि इस विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत मिलने वाली इस ग्रांट को विश्वविद्यालय गुणवत्ता व एक्सीलेंस, शोध, फैकल्टी डेवलपमेंट के साथ आधारभूत संसाधनों के विकास पर खर्च करेगा। उन्होंने कहा कि गत वर्ष भी केयू को रूसा के तहत 20 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली थी, जिसके तहत सभी विभागों में लैब व लेबोरेटरी के विकास के लिए जरूरी उपकरण खरीदे गए थे। कुलपति ने कहा कि इस ग्रांट के मिलने से संसाधनों व शिक्षण की दृष्टि से विश्वविद्यालय अपनी उत्कृष्टता को और अधिक बढ़ाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा देश के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों की सूची में टॉप पर होगा।
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केयू ने भेजा था 162 करोड़ रुपये का प्रपोजल
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने रूसा के तहत इस ग्रांट के लिए 162 करोड़ रुपये का प्रपोजल तैयार कर भेजा था। इस प्रपोजल के तहत विश्वविद्यालय ने क्वालिटी एक्सीलेंस के लिए 100 करोड़, रिसर्च व क्वालिटी इंप्रूवमेंट के लिए 50 करोड़, इक्वालिटी इनिशिएटिव के लिए 6.23 करोड़ व फैकल्टी डेवलपमेंट के लिए 5.95 करोड़ की ग्रांट की मांग की थी। इस प्रपोजल के तहत विश्वविद्यालय में आने वाले दो वर्षों में अकादमिक बिल्डिंग, प्रशासनिक भवन, कैंपस डेवलपमेंट, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, कंप्यूटर सेंटर, प्ले ग्राउंड, जेंडर इंपावरमेंट, उपकरण, कोर्स फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग, सरस्वती रिसर्च सेंटर, स्किल डेवलपमेंट सेंटर सहित अन्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए आर्थिक अनुदान की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को 100 करोड़ की ग्रांट जारी की है।
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इन्हें नियुक्त किया था नोडल ऑफिसर
कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने रूसा ग्रांट के लिए डीन अकादमिक अफेयर प्रोफेसर श्याम कुमार को इसका संयोजक, डीन फैकल्टी ऑफ कॉमर्स प्रोफेसर मंजुला चौधरी व निदेशक आईटी सेल प्रोफेसर प्रदीप को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। गत वर्ष भी रूसा के तहत बड़ी संख्या में उपकरण लैब व लेबोरेटरी के लिए खरीदे गए थे।