4,5,11,26,27,28
45 मिनट की बैठक, 35 मिनट हंगामा, चार प्रस्ताव पास
-एमएलए-चेयरमैन के हाथों नारियल फोड़ने की शर्त पर होते हैं विकास कार्य
-विधायक की पार्षद को दो टूक, जो करना कर ले, तेरे वार्ड में नहीं होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
थानेसर नगर परिषद की शुक्रवार को हुई 45 मिनट की बैठक 35 मिनट हंगामे में ही गुजर गई। इस बीच, चार प्रस्ताव पास कर बैठक खत्म कर दी गई।
बैठक शुरू होते ही कुछेक पार्षदों ने नगर परिषद की चेयरपर्सन उमा सुधा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, पर क्षणभर में विपक्षी खेमे के पार्षदों ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाकर माहौल गरमा दिया। करीब 20 मिनट बाद बैठक में थानेसर के विधायक सुभाष सुधा पहुंचे, उनकी मौजूदगी में भी आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी रहा। अमित गर्ग शैंकी ने जब अपने वार्ड में ठप हुए विकास कार्यों का मुद्दा उठाया तो विधायक ने पार्षद को दो टूक कह डाला...जो करना है कर ले, जा तेरे वार्ड में कोई काम नहीं होगा। विधायक ने पार्षद पर आरोप लगाया कि वह अपने वार्ड विकास नहीं, बल्कि शोर मचाना चाहते हैं। पंकज शर्मा चौंचडा ने कहा कि उनके वार्ड में काम नहीं हो रहे, अब यह सोच कर आत्मग्लानी हो रही है कि हम पार्षद क्यों बने ?
इस दौरान कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि थानेसर में सिर्फ चहेते पार्षदों के वार्डों में विकास हो रहे हैं या फिर उन पार्षदों के वार्ड में विकास कार्यों को हरी झंडी मिलती है, जहां विधायक या उनकी पत्नी नगर परिषद की चेयरपर्सन को बुलाकर नारियल फोड़ने के लिये बुलाया जाए। इन पार्षदों ने विरोधस्वरूप लाए गए नारियल अपने हाथों में उठा लिये और इन्हें नगर परिषद चेयरपर्सन की टेबल पर पटक कर बोले, लो मैडम हमारे सिर पर फोड़ दो ये नारियल। ये पार्षद अभी तमतमाये हुए थे कि बीच सरकार द्वारा हाल ही में मनोनीत पार्षद गुरदयाल सिंह काजल ने चेयरपर्सन उमा सुधा का पक्ष लेते हुए उन पर लगाये जा रहे पार्षदों के आरोपों को खारिज कर दिया। इसके बाद गुस्साये पार्षदों को फोकस उमा सुधा से सीधा काजल की ओर घूम गया और उन्हें जमकर खरी खरी सुनाई।
यह मामला तूल पकड़ते देख विधायक ने बैठक को संपन्न करने की घोषणा करते हुए चेयरपर्सन उमा सुधा और समर्थक पार्षदों के साथ नप के ईओ के आफिस में चले गए। यहां समर्थक पार्षदों ने सुधा को जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ फूलों के गुलदस्ते भेंट किए। ईओ के कमरे में जब केक काटा जा रहा था,वहीं आफिस के नीचे नप के मेन गेट पर विरोधस्वरूप कई पार्षदों ने नारियल फोड़े। इस मौके पर नप उप प्रधान सुरेंद्र छिंदा, ईओ बीएन भारती, सचिव केएल बठला, एमई ईश्वर वर्मा आदि रहे।
हाउस की बैठक में रखे चार एजेंडे रखे, सभी पारित
हाउस की बैठक में मुख्यत: चार एजेंडे रखे गए। उन्हें हाउस ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इन एजेंडों में नप थानेसर क्षेत्र से भेजी गई गाय व नंदी के चारे के लिए मथाना नंदीशाला के लिए 5 लाख रुपये की राशि देने पर सभी ने सहमति दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत समाज को जागरूक करने के लिए छपवाए गए पोस्टरों और स्टीकरों की 73 हजार 616 रुपये की राशि की अदायगी का प्रस्ताव भी पारित किया गया है और हरि नगर रेजीडेंसियल वेलफेयर सोसायटी के अनुरोध पर चट्ठा कालोनी का नाम हरि नगर रखने पर सहमति दी गई। हाउस ने मथाना में कूड़ा डालने की जगह पर दलदल होने के कारण पोकलैन मशीन से कूड़ा हटाने के लिए 70 हजार रुपये की राशि का प्रस्ताव पारित किया है।
सितंबर में सड़कें होंगी कैटल फ्री : उमा
नगर परिषद की अध्यक्षा उमा सुधा ने बैठक के बाद दावा किया कि सितंबर 2017 में पूरे नगर परिषद क्षेत्र की सड़कें बेसहारा पशुओं से मुक्त होंगी। उन्होंने बताया कि शहर से रोजाना 30 पशुओं को गोशालाओं में टैग लगाकर भेजा जा रहा है और अगस्त माह तक 1175 पशुओं को अलग-अलग गोशालाओं में भेजा जा चुका है, जबकि कुरुक्षेत्र में अब सिर्फ 100 बेसहारा पशु ही सड़कों पर मौजूद हैं।
भले बजट बढ़ा लो,पर बेसहारा पशुओं निजात तो दिला दो : टेका
हाउस की बैठक में जब बेसहारा पशुओं के लिए बजट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया तो पार्षद संदीप टेका ने नप अध्यक्ष उमा सुधा को कहा मैडम बजट चाहे चार गुणा बढ़ा दो, पर जनता को बेसहारा पशुओं से निजात तो दिला दो। हररोज सड़कों पर हादसे हो रहो रहे हैं। इसके जवाब में सुधा ने कहा कि नप और पशुपालन विभाग की तरफ से रोजाना 15-15 पशुओं को गोशालाओं में भेजा जा रहा है। सभी गाय और नंदी को बाकायदा टैग लगाकर गोशालाओं में रखा गया है, ताकि दोबारा टैग वाली गाय और नंदी को बेसहारा न छोड़ा जाए।
सभी वार्डों में हो रहा है समान विकास : विधायक
विधायक सुभाष सुधा ने विरोध करने वाले पार्षदों के आरोपों को गलत ठहराते हुए बताया कि शहर के हर वार्ड में समान रूप से विकास कार्य किए जा रहे हैं। पार्षदों की मांग के अनुसार सड़कों, पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंधों सहित अन्य विकास कार्यों को कराया जा रहा हैं और कुछ के लिए टेंडर भी जारी किए हैं। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रत्येक पार्षद से बाकायदा बातचीत की जाती है।