फोटो नंबर-2 से 9
लोकगीत और संगीत से धर्मनगरी की फिजा सराबोर
-राज्यपाल ने की भारत मानचित्र के सांस्कृतिक प्रतिभा खोज एवं सम्मान समारोह की शुरुआत
-भारत की सांस्कृतिक मानचित्र योजना के लिए केंद्र सरकार ने किया 470 करोड़ रुपये का बजट तय
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने शनिवार को मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर (मैक) के प्रांगण में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला, जिला प्रशासन व विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के सहयोग से भारत का सांस्कृतिक मानचित्र के तहत थानेसर की सांस्कृतिक प्रतिभा खोज एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम की शुुरुआत की। इस मौके पर आयोजित लोकगीत और संगीत से धर्मनगरी की फिजा सराबोर हो गई।
राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से भारत एक भारतीय एक कथन की तरफ आगे बढ़ रहा है। एक नये भारत का निर्माण करने के लिए लोक संस्कृति का विकसित होना जरूरी है। लोक संस्कृति के माध्यम से ही नये भारत का उदय संभव है। इसलिए लोक संस्कृति को विकसित करने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने भारत की सांस्कृतिक मानचित्र योजना को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। इतना ही नहीं भारत सरकार ने इस योजना के लिए 470 करोड़ रुपये का बजट भी तय किया है।
इससे पहले राज्यपाल ने सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव प्रणव खुल्लर, भारत सांस्कृतिक मानचित्र की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. रामेंद्र सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता, एनजेडसीसी पटियाला के निदेशक फुरकान खान, आरएसएस के प्रदेश विभाग प्रचारक नरेंद्र ने थानेसर ब्लॉक के कलाकारों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान थानेसर ब्लाक से ग्रामीण आंचल की महिलाओं ने परंपरागत लोक गीतों और जंगमजसोगियों ने शिव की महिमा का गुणगान कर राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने पद्मश्री वसीफुद्दीन डागर, कत्थक नृत्यांगना नलिनी कमलिनी, राज्य पुरस्कार से सम्मानित गायक सरदूल सिकंदर को शाल व स्मृति चिह्न से सम्मान किया।
राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. रामेंद्र सिंह ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्कृति मंत्रालय के प्रयासों से देश के 5 ब्लाकों में से थानेसर ब्लॉक का चयन पायलेट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है। इस कार्यक्रम के अंत में संयुक्त सचिव प्रणव खुल्लर व डॉ. रामेंद्र सिंह ने राज्यपाल को स्मृति चिह्न भेंट कर सभी मेहमानों को शाल व स्मृति चिह्न भेंट किए।
भारत सरकार मिशन निदेशालय से खोजेगी देभशभर की प्रतिभाएं : प्रणव
भारत संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रणव खुल्लर ने कहा कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने देश के कोने-कोने में छुपी प्रतिभाओं को मंच देने और कलाकारों के हुनर का तराशने के उद्देश्य से मिशन मंत्रालय की स्थापना करने का निर्णय लिया है। सरकार ने इसके लिए 470 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है। देश में अभी भी लाखों कलाकार ऐसे ,है जिन्हें न तो मंच मिला और न ही सम्मान। इस योजना के तहत देश के 5 ब्लाकों का चयन किया गया है,जिसमें थानेसर ब्लाक भी शामिल है। इस योजना के तहत पंचायत, ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम होंगे।
गली-गली छुपे कलाकारों को मिलेगा मंच : सिकंदर
गायक सरदूल सिकंदर ने कहा कि भारत का सांस्कृतिक मानचित्र योजना का आगाज करने से कलाकारों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। सरकार की इस योजना को गली-गली में छुपे कलाकारों को एक मंच और पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत शब्द के मायने भाव, राग और ताल है। इन सबको मिलाकर भारत का निर्माण संभव है। राग, ताल और भाव के संगम से निकलने वाली तरंगों से आत्म संतुष्टि मिलती है।
देश की उन्नति के लिए कलाकारों का सम्मान जरूरी : नलिनी
कत्थक नृत्यांगना नलिनी कमलिनी ने कहा कि कलाकार ही समाज के आईने को सामने रखता है। कलाकार की उन्नति से ही देश की उन्नति संभव है। कलाकार हमेशा आशावादी होते हैं और जो व्यक्ति आशावादी होते हैं, वह निश्चित ही समाज की प्रगति के लिए लाभदायक सिद्ध होते हैं। जिस देश में कलाकारों को सम्मान नहीं मिलता, उन कलाकारों की स्थिति हर क्षेत्र में ठीक नहीं होती और जिस देश की संस्कृति समृद्ध होती है।
1000 कलाकारों का लेखा-जोखा हुआ एकत्र
राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. रामेंद्र सिंह ने कहा कि थानेसर ब्लाक से अलग-अलग क्षेत्रों के करीब 1000 कलाकारों के आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं। इन सभी कलाकारों के लेखे जोखे को अपडेट कर दिया गया है और यह लेखा -जोखा भारत सरकार के पास भेजा जाएगा। उधर, संस्कृति मंत्रालय के प्रयासों से पहली बार थानेसर ब्लाक के कलाकारों को राज्यपाल प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी के समक्ष अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। इस मंच पर सत्यनारायण ग्रुप के कलाकारों ने जंगमजोगी का रूप धारण कर शिव विवाह की प्रस्तुति देकर सबको भावविभोर कर दिया। इस प्रस्तुति के साथ रानी देवी ग्रुप ने हरियाणा की परंपरा से जुड़े लोक गीत को रखा। इस लोक गीत के बाद शिव कुमार ग्रुप ने गुग्गा गायन,छात्राओं ने घूमर लोक नृत्य, लोक कलाकार गुलाब सिंह की रागिनी की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग, आरएसएस के सह विभाग प्रमुख डॉ. प्रीतम सिंह, जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सनहेडी, भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर, हरियाणा कला परिषद के वाईस चेयरमैन सुदेश शर्मा, मैक के मुख्य सलाहकार महेश जोशी, अतिरिक्त मुख्य सलाहकार संजय बसीन, एनजेडसीसी से भूपेंद्र सिंह उपस्थित रहे।