कुरुक्षेत्र। नए सत्र से सरकारी स्कूलों में न केवल साइकोलॉजी, फाइन आर्ट, म्यूजिक व कंप्यूटर साइंस को विशेष तौर पर प्रोत्साहन देना होगा बल्कि बच्चों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य रचनात्मक गतिविधियाें का आयोजन किया जाएगा। से बच्चों को ज्वायफुल शिक्षा के साथ-साथ बेहतर माहौल मिल सके। ये जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने दी।
उन्होंने बताया कि पंचकूला में हुई कार्यशाला में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास, मौलिक शिक्षा निदेशक डीके बेहरा ने इस संबंध में आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। इस कार्यशाला में अंबाला, पंचकुला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व कैथल के जिला शिक्षा अधिकारियों, मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना संयोजक, सहायक संयोजक व स्कूल मुखिया मौजूद रहे। दौरान मनोरंजक गतिविधि दिवस योजना को विद्यालयों में पूर्णतया लागू करना व इसे विकसित करना, स्कील पास बुक व कैच अप कार्यक्रम, छात्र आकलन प्रतियोगिता आदि पर विशेष तौर पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि स्कूलों में पहली बार उक्त विषयों को लागू किया जा रहा है, जिसके लिए शिक्षक भी तैनात कर दिए गए है। इन विषयों को लेने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करना होगा तो उनके अभिभावकों को भी इस संबंध में अवगत कराना होगा। यहीं नहीं स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाना होगा, जिसमें शिक्षकों द्वारा घर-घर दस्तक देनी होगी तो वहीं ग्राम पंचायतों का भी सहयोग लिया जाएगा। शिक्षकों को स्कूलों की खूबियों से अभिभावकों को अवगत कराना होगा। एक अप्रैल से मनाए जाने वाले प्रवेश उत्सव के दौरान इस तरह की गतिविधियां चलाई जाएंगी।
जिला शिक्षा अधिकारी अरूण आश्री का कहना है कि पिछले कुछ सालों के दौरान स्कूलों के हालात में बदलाव आया है, लेकिन अभी शिक्षा से लेकर व्यवस्था के लिए भी ओर कार्य करने की जरूरत है। अतिरिक्त मुख्य सचिव व मौलिक शिक्षा निदेशक ने कार्यशाला में निर्देश दिए है कि बच्चों की संख्या बढ़ाने, पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने व लोगों में सरकारी स्कूलों के प्रति भरोसा जगाने को लेकर पूरी लग्न से कार्य करना होगा। इस तरह की कार्यशाला मंडल अनुसार की जा रही है।