पंद्रह साल की उम्र से पड़ी चोरी की आदत
तीन वर्षों में दस से ज्यादा वारदातों को दिया अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कीर्ति नगर निवासी सुखदेव ने पंद्रह वर्ष की उम्र में पहली बार घर से पैसे न मिलने पर चोरी की मामूली सी घटना को अंजाम दिया। उसके बाद अपराध की दुनिया में वह लगातार आगे ही बढ़ता रहा। बाल सुधार गृह में रहने के बावजूद उसकी अपराधिक पृवत्ति पर कोई अंकुश नहीं लग सका। जिसकी वजह से इस पर व्यस्क हो जाने पर उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा।
कुरुक्षेत्र पुलिस के अनुसार अपने घर में पैसे की किल्लत देख पंद्रह वर्ष की उम्र में ही कीर्ति नगर का सुखदेव शातिर चोर बन गया है। पंद्रह वर्ष की आयु में ही पहली बार चोरी की वारदात की । इसके बाद अब तक वो दर्जन भर से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। शहर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी उस पर चोरी के 10 मुकदमे दर्ज हैं। अंबाला स्थित बाल सुधार गृह में चार माह की सजा काटने के बाद सुखदेव ने बीती 29 जनवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि अपने मनसूबे में कामयाब होने से पहले ही वो विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों के हत्थे चढ़ गया।
सुखदेव ने दो वर्ष पहले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेकभनालॉजी (एनआईटी) के एक कर्मचारी के घर से भी चोरी की घटना को अंजाम दिया, जहां से उसने हजारों के जेवरात चुराए। चोरी की घटना की जांच कर रहे अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि इसी वर्ष 29 जनवरी को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी स्थित स्टोर से केबल चोरी की थी। पुलिस ने केयू प्रशासन की शिकायत के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन आरोपी युवक फरार था। पुलिस ने सूचना मिलते ही आरोपी को दबोच लिया और कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।