प्रदेश में 18 महीने में खोले जाएंगे 29 नए राजकीय कॉलेज: सीएम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय को कम से कम एक विषय में अपनी उत्कृष्टता साबित करनी होगी। ऐसा करने से अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों की पहचान बनेगी। हरियाणा को उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श प्रदेश के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। यह विचार मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को केयू के सीनेट हॉल में हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद व केयू के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेशभर के अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन प्रथम सत्र में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक दृष्टि से बड़े परिवर्तन के लिए बदलाव की आवश्यकता है। पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा में विश्वविद्यालय व कॉलेजों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ी है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़कर उन्हें शिक्षित व सक्षम बनाना है। 21वीं सदी में देश के युवा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका तभी निभा सकेंगे जब वे शिक्षित, सक्षम व कुशल होंगे। देश व समाज को विश्वविद्यालयों से बड़ी अपेक्षाएं हैं। युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालयों में आते हैं, इसलिए यह विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे उन्हें अच्छी शिक्षा दें, ताकि वे खुद को सक्षम बनाकर नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
29 नए कॉलेज खोलने के लिए जगह की चिंहित
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में 50 से अधिक विश्वविद्यालय खुल गए हैं। हरियाणा में 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज है। राज्य सरकार ने 29 और ऐसी जगहों को चिह्नित किया है, जहां पर नए कॉलेजों की आवश्यकता है। इन नए कॉलेजों के निर्माण के बाद हरियाणा में बेटियों व ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा है। जब सभी मेडिकल कॉलेज खुल जाएंगे तो यहां से हर वर्ष कम से कम 2000 चिकित्सक निकलेंगे।
स्किल व डिजिटल तकनीक पर आधारित नए पाठ्यक्रम भी शुरू करने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को शिक्षित व कुशल बनाने के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए हैं। अब हमें स्किल पर आधारित शिक्षा व डिजिटल तकनीक पर आधारित नए पाठ्यक्रम भी शुरू करने की जरूरत है, ताकि हरियाणा के युवा वैश्विक स्तर की शिक्षा ग्रहण कर अपनी पहचान बना सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आर्थिक व शैक्षणिक प्रबंधन सहित जितने भी विषयों पर मंथन इस कार्यशाला में किया गया है वे सभी विषय हरियाणा में उच्चतर शिक्षा के विकास के लिए बेहद ही आवश्यक हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला में उच्च शिक्षा को लेकर जितने भी सुझाव आएंगे उन्हीं के आधार पर भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए हरियाणा में योजनाएं बनेंगी।
दो दिवसीय कार्यशाला में इन विषयों पर किया गया मंथन
दो दिवसीय कार्यशाला में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं जवाबदेही, सुरक्षा एवं स्वच्छता, नए पाठ्यक्रमों का निर्माण, कॉलेज व विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा तंत्र की चुनौतियां, आर्थिक प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर मंथन हुआ है। हरियाणा के विश्वविद्यालयों में संसाधन, ज्ञान, अनुभव, शोध को सांझा कर गुणात्मक परिवर्तन कैसे किया जा सकता है, इस बारे में ही प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विचार मंथन हुआ है।
नए विश्वविद्यालयों को विशेष पैकेज देकर विकसित करने की जरूरत : कुठियाला
हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला ने कहा प्रदेश के विश्वविद्यालया में एक स्वस्थ प्रतियोगिता हो इसके लिए हरियाणा में बने नए विश्वविद्यालयों को भी एक विशेष पैकेज देकर विकसित करने की जरूरत है। ऐसा करने से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चल रही प्रतियोगिता का हिस्सा बनकर खुद को साबित करने में वे सफल होंगे। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय शैक्षणिक खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों का एक विशेष कैलेंडर बनाएं ताकि विद्यार्थियों को दाखिला लेते समय ही पता हो कि आने वाले सत्र में किस तरह की गतिविधियां उनके विश्वविद्यालय में होने वाली हैं। इस तरह के कार्यों से ही आने वाले समय में हरियाणा में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक दृष्टि से सुधार किया जा सकता है।
कार्यशाला का आने वाले समय में होगा विश्वविद्यालयों का फायदा : शर्मा
केयू कुलपति डॉ. केसी शर्मा ने कहा कि हरियाणा में राज्य सरकार की ओर से उच्च शिक्षा के लिए जिस तरह की योजनाएं बनाई जा रही हैं उसका सकारात्मक परिवर्तन आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटियों को शिक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसका फायदा अब प्रदेश के युवाओं को हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई हैं जिसका आने वाले समय में विश्वविद्यालयों को फायदा होगा।