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Kurukshetra News: अनाज मंडियों में अटका 10 लाख क्विंटल धान

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कुरुक्षेत्र। उठान की इंतजार में अटी थानेसर अनाजमंंडी। संवाद  - फोटो : katra news
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कुरुक्षेत्र। थप्पड़ कांड के बाद खरीद एजेंसियों की हड़ताल तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही जिसके चलते न खरीद, न उठान और न ही भुगतान हुआ। हड़ताल को देर रात खत्म किया गया।
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ऐसे में करीब 10 लाख क्विंटल धान अनाज मंडियों में अटक गया है। अनाज मंडियाें के हालात बिगड़ने लगे हैं जिसका सीधा खामियाजा किसानों को ही भुगतना पड़ रहा है। वहीं एहतियात के तौर पर अनाज मंडियों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।
मौसम साफ होने व गेहूं की बुआई की तैयारी के चलते धान कटाई भी करीब एक सप्ताह से तेज हो चुकी है जिसके चलते किसान अब पशोपेश में आ गए हैं जबकि शुक्रवार शाम तक भी प्रशासन कोई समाधान नहीं निकाल पाया।
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खरीद एजेंसियों के अधिकारी व कर्मचारी गुरनाम चढूनी को गिरफ्तार किए जाने व सुरक्षा मुहैया कराने की मांग पर अड़े हैं। गुरनाम सिंह चढूनी फिर वायरल वीडियो में कह रहे हैं कि मिलीभगत के चलते महाभ्रष्टाचार किया जा रहा है। किसानों को खरीद व उठान न होने से मंडियों में धान डालने की जगह नहीं मिल पा रही है।
डीसी बोले- खरीद, उठान कार्य 18 से किया जाएगा शुरू

जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणाने कहा कि 18 अक्तूर की सुबह से दोबारा नियमों के अनुसार धान की खरीद और उठान कार्यों को मंडियों में शुरू किया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

कब होगी खरीद, कोई पता नहीं : राजेश

गांव अमीन से धान लेकर पहुंचे किसान राजेश कुमार व सोमनाथ का कहना था कि उन्हें यहां धान का पहरा देना पड़ रहा है लेकिन खरीद कब होगी, यह कोई पता नहीं। किसानों की कोई परवाह करने वाला नहीं है। पहले मौसम की मार पड़ चुकी है अब अनाज मंडियों में भी बदहाली झेलनी पड़ रही है। मंडियों में काम ठप है जबकि खेत धान की बुआई के लिए तैयार करने में देरी हो रही है। किसानों को सभी ओर से मार झेलनी पड़ रही है।
चढूनी बोले, समाज से नहीं भ्रष्टाचार से है लड़ाई

भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढूनी का कहना है कि उनकी लड़ाई भ्रष्टाचार से है, किसी भी समाज विशेष से नहीं है। जिस समाज से डीएफएससी संबंध रखते हैं, उस समाज के किसान व अन्य लोग भी भ्रष्टाचार से पीड़ित हो रहे हैं। उन्होंने जिस डीएफएससी पर पहले से भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं और अभी भी वही हालात उन्होंने कुरुक्षेत्र में पैदा किए हुए हैं। उन्होंने प्रशासन को शिकायत दी है, जिस पर जांच व कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सेलर संचालकों को आह्वान किया कि वे बाहरी राज्यों के धान व चावल न लाएं। इन्हें नहीं रोका गया तो ट्रकों के टायरों की हवा निकाली जाएगी। यही नहीं आढ़तियों को भी मंडियां बचाने व काम सुचारू करने में सहयोग करना चाहिए। मंडियां टूटी तो सब कुछ ठप हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 25 अक्तूबर तक का प्रशासन को समय दिया गया है।
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