भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली से हरियाणा में शुरू
हुआ शक्ति प्रदर्शन का दौर रविवार एक दिसंबर को होने वाली हजकां और इनेलो
की दो रैलियों के बाद थम सा जाएगा।
अब सिर्फ कांग्रेस के बागी
सांसद राव इंद्रजीत सिंह की एक रैली दिसंबर में होनी है। भाजपा ने रेवाड़ी
में पूर्व सैनिकों के सम्मान में 15 सितंबर को प्रदेश में रैलियों का
शंखदान किया था। यह मोदी की पीएम पद का उम्मीदवार बनने के बाद पहली रैली
थी। इसमें उमड़ी भीड़ की वजह से शेष दलों के सामने शक्ति प्रदर्शन करना एक
बड़ी चुनौती बन गई। इसके बाद 23 सितंबर को अहीरवाल के कद्दावर नेता राव
इंद्रजीत सिंह ने रेवाड़ी में ही रैली कर कांग्रेस से चुनाव न लड़ने की
घोषणा की। इसके बाद इनेलो ने एक नवंबर को कुरुक्षेत्र में चौधरी देवीलाल के
जन्मदिन पर रैली की।
इसमें जुटी भीड़ से इनेलो भी उत्साह से भर
गई। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इस रैली में पहुंचकर इनेलो-भाजपा
गठबंधन की संभावनाओं को हवा दे दी थी। भाजपा और इनेलो की रैलियों का जवाब
देने के लिए कांग्रेस ने गोहाना में 10 नवंबर को रैली की। इसमें जुटी भीड़
से कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विरोधियों को टक्कर का
जवाब दिया। रैली में आगामी चुनाव के मद्देनजर 34 घोषणाएं की गई थी। अब
ताकत दिखाने की हजकां की बारी है। रविवार को हिसार में होने वाली रैली में
हजकां ने 15 लाख लोगों के आने का दावा किया है। इस रैली से बिश्नोई का
भविष्य भी तय होगा और भाजपा के साथ सीटों का बंटवारा करने के लिए भी यह
रैली महत्वपूर्ण होगी।
वहीं, इनेलो की छात्र विंग इनसो द्वारा भी एक
दिसंबर को रोहतक में बड़ा छात्र सम्मेलन किया जा रहा है। इसमें दस हजार
युवाओं के नेत्रदान फार्म भरकर विश्व रिकार्ड बनाने का दावा किया जा रहा
है। खुद इनेलो युवा नेता दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला इस रैली की
कमान संभाल रहे हैं। इसके साथ ही रैलियों का दौर थम सा जाएगा। अब बस राव
इंद्रजीत सिंह आठ दिसंबर को झज्जर में रैली कर सकते हैं, जिसमें किसी बड़े
दल में शामिल होने की घोषणा वे कर सकते हैं। कयास लगाया जा रहा है कि वे
भाजपा में शामिल हो सकते हैं।